फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्य प्रदेश: आर्कडायसिस का रजिस्ट्रेशन भारत में, पदाधिकारी तय होते हैं वेटिकन सिटी से, हाईकोर्ट में चुनौती

Sat, 05 Feb 2022 11:55 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में व्यवस्था को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता इस संस्था का सदस्य नहीं था, इसलिए हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लेने को कहा। मामला आर्कडायसिस में नियुक्तियों का है। 
 
विज्ञापन
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

क्रिश्चियन मिशनरीज से जुड़ी आर्कडायसिस का रजिस्ट्रेशन तो भारतीय कानूनों के अनुसार हुआ है, पर इनमें अध्यक्षों की नियुक्ति वेटिकन सिटी यानी सीधे पोप के हाथों होती है। इसे ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 
विज्ञापन


भोपाल के कैथोलिक पादरी- फादर आनंद मुटुंगल ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दो याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि आर्कडायसिस का रजिस्ट्रेशन फर्म्स एंड सोसायटी एक्ट के तहत हुआ है। इसके बाद भी अध्यक्ष एवं अन्य पदों पर नियुक्तियां सीधे वेटिकन सिटी से होती है। कानून साफ कहता है कि सोसायटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का चुनाव होना चाहिए या सदस्यों की ओर सर्वसम्मति से नाम आगे आने चाहिए। जब इस संस्था का रजिस्ट्रेशन भारतीय कानून से हुआ है तो भारत के संवैधानिक नियमों का पालन होना चाहिए। इसके अनुसार अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। 

हाईकोर्ट ने दी याचिका वापस लेने की अनुमति
याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने पाया कि याचिकाकर्ता इस संस्था का सदस्य नहीं है। इस वजह से वह संस्था के नियमों या नियुक्तियों को चुनौती नहीं दे सकता। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के याचिका वापस लेने के आग्रह को स्वीकार कर लिया और यह याचिका खारिज हो गई।  
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें