मध्यप्रदेश में राजगढ़ जिला जेल से अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां कैदी ने जेल से बाहर आने के बाद जिला कलेक्टर को दी शिकायत में बताया, जेलर ने जबरन उसकी दाढ़ी कटवा दी। समाज के लोगों को साथ लेकर वह शिकायत करने पहुंचा। पीड़ित ने जेलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि एक दिन की जेल काटने के बाद बाहर आए व्यक्ति ने कहा, जेलर ने जबरन मेरी दाढ़ी कटवा दी, इस वजह से उसे ठेस पहुंची है। उसने आत्महत्या करने का भी प्लान बनाया था। दाढ़ी न कटवाने पर जेलर ने कहा था, अगर ऐसे नहीं मानोगे तो हम जबरदस्ती दाढ़ी काट देंगे। मैंने कहा, मेरी गर्दन काट दो पर दाढ़ी मत काटना।
दरअसल, बीते 13 सितंबर को जीरापुर के वार्ड 14 निवासी कलीम खां को धारा 151 के तहत राजगढ़ जेल में बंद किया गया था। कलीम का आरोप है कि अगले दिन सुबह जेलर निरीक्षण करने आए तो दाढ़ी देखकर भड़क गए और जबरदस्ती दाढ़ी कटवा दी। कलीम ने दावा किया कि जेलर ने उसे पाकिस्तानी कहा और अभद्रता भी की। वह दाढ़ी नहीं काटने का विनती करता रहा लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
कलीम ने कलेक्टर को संबोधित शिकायत में लिखा है, मैंने पिछले 8-10 साल से दाढ़ी रखी गई है। जेलर ने शरियत अनुसार रखी गई दाढ़ी को जेलर कटवा कर मेरे धर्म का और मेरा अपमान किया गया है। साथ ही मेरे नबी की सुन्नत का भी अपमान किया गया है। मैं किसी को भी अपना मुंह दिखाने के काबिल नही रहा हूं। कलीम ने आरोपी जेलर को उचित दंड देने की मांग की है।
मामले को लेकर जेलर का कहना है, जेल में जब भी कोई नया कैदी आता है तो उसकी दाढ़ी या तो काटी जाती है या छोटी की जाती है। इनकी दाढ़ी को जबरन नहीं काटा गया है, जो जिस धर्म का है वह अपने हिसाब से दाढ़ी रख सकता है। जेल में किसी की दाढ़ी जबरदस्ती दाढ़ी नहीं काटी गई। जो कुछ भी हुआ है, वह जेल के नियमों के अनुसार हुआ है। वे जान बूझकर अब इस मामले को मुद्दा बना रहे हैं।