मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में कोरोना संक्रमित पति की मौत के बाद उसकी पत्नी ने ही उसे मुखाग्नि देने का फैसला किया। लॉकडाउन के कारण कोई भी रिश्तेदार मौके पर नहीं पहुंच पाया, इसके बाद पत्नी पति के शव को लेकर विश्राम घाट पहुंची और मुखाग्नि दी।
कोरोना संदिग्ध अमित अग्रवाल की शुक्रवार को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ रायसेन में टिफिन सेंटर चलाते थे। बुधवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मृतक की पत्नी वर्षा सहकारी बैंक में कार्यरत हैं। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद उसने खुद ही पति का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। अमित के भाई को भी कोरोना संदिग्ध होने के चलते हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसके दोनों बच्चे राजधानी भोपाल में है।
वर्षा ने शव को घर ले जाने की इजाजत मांगी, लेकिन अस्पताल ने कोरोना जांच पूरी नहीं होने के कारण अनुमति देने से मना कर दिया। इसके बाद वर्षा अपनी सहेली और उसके पिता के साथ मिलकर शव को विश्राम घाट ले गई। जहां वर्षा ने अपने पति को मुखाग्नि दी।
बताया गया है कि अमित अपने पिता सुखलाल अग्रवाल के साथ रायसेन में टिफिन सेंटर चलाते थे। लॉकडाउन के दौरान वह जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराते थे। लेकिन जब उनके कोरोना संक्रमित होने की बात पता चली तो उनसे ठेका वापस ले लिया गया।
वहीं, वर्षा के साथ काम करने वाले छह सहयोगियों को क्वारंटीन कर दिया गया है। अस्पताल में मृतक के संपर्क में आई चार नर्सों, एक वार्डबॉय, ड्रेसर और सुरक्षाकर्मियों को भी एहतियातन क्वारंटीन किया गया है।
बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 1800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, और 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर राज्य का सबसे प्रभावित शहर हैं, जहां 50 अधिक लोग इस वायरस की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं।
दूसरी तरफ, देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1429 नए मामले सामने आए हैं और 57 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 24,506 हो गई है और 775 लोगों की मौत हो गई है।