मध्य प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के बिना करवाने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को दिए थे। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की है। जिस पर 17 मई की दोपहर 2:00 बजे सुनवाई निर्धारित की गई है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पांच साल में चुनाव करवाना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। दो हफ्ते में अधिसूचना जारी करें, ओबीसी आरक्षण के लिए तय शर्तों को पूरा किए बिना आरक्षण नहीं मिल सकता। अभी सिर्फ एससी-एसटी आरक्षण के साथ ही चुनाव कराने होंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को दो हफ्ते के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि निकाय चुनाव न टालने के आदेश बाकी राज्यों पर भी लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग, स्थानीय निकायों के लिए डी-लिमिटेशन प्रक्रिया को पूरा किए बिना और ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट मानदंड को पूरा किए बिना चुनाव स्थगित नहीं कर सकते। प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की रिव्यू याचिका पर सुनवाई 17 मई की दोपहर 2:00 बजे निर्धारित की गई है।