दोनों आरोपी पर अवैध तरीके से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी महज 150 रुपये में फर्जी दस्तावेज तैयार कर देते थे।
मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित बाणगंगा इलाके में बीते शुक्रवार को पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनपर अवैध तरीके से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने का आरोप है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने दस्तावेजों को बनाने के लिए किसी खास वेब एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया है।
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महज 150 रुपये में बना रहे थे फर्जी प्रमाणपत्र
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी महज 150 रुपये में नकली आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेन कार्ड और लाइसेंस बना रहे थे। इतना ही नहीं आरोपियों ने नकली सरकारी दस्तावेज बनाने की दुकान ही खोल रखी थी। वहीं शिकायत मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने एक कंप्यूटर और कई सॉफ्टवेयर जब्त किया है। इसके अलावा 500 से ज्यादा नकली कार्ड भी मिले हैं।
हाथो-हाथ बनाते थे पहचानपत्र
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी महज 10 मिनट में किसी का भी आधार कार्ड, मार्कशीट, पैन कार्ड, लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड बना देते है। हाथ की सफाई भी ऐसी थी कि असली दिखने वाले इन नकली कार्डों को कोई पहचान भी नहीं सकता कि यह नकली है।
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पुलिस ने कुछ इस तरह से किया गिरफ्तार
दोनों आरोपी बीकॉम के छात्र हैं और एक खास एप्लीकेशन की मदद से मात्र 150 रुपये में फर्जी दस्तावेज तैयार कर देते थे। जब पुलिस को इसकी भनक लगी तो पुलिस ने अपने मुखबिर को दोनो छात्रों के पास भेजा तो दोनों छात्रों ने महज 150 रुपये में फर्जी आधार कार्ड बनाकर दे दिया। जिसके बाद पुलिस ने दोनों छात्रों को गिरफ्तार किया है।