सचिन बिरला का फाइल फोटो, जिसमें वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर गिरीश गौतम ने भाजपा में शामिल हो चुके विधायक सचिन बिरला की सदस्यता खत्म करने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत बिरला की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। तकनीकी कारणों के आधार पर स्पीकर ने कांग्रेस की मांग ठुकरा दी है। कांग्रेस ने कहा है कि वह दोबारा बिरला की सदस्यता खत्म करने की मांग करेगी। तब भी सदस्यता खत्म नहीं हुई तो पार्टी इस मामले में कोर्ट जाएगी।
खरगोन जिले की बडवाह सीट से विधायक सचिन बिरला ने 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। अक्टूबर 2021 में खंडवा संसदीय सीट के उपचुनाव में सचिन बिरला ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। इसी आधार पर कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक डॉ. गोविंद सिंह ने नौ नवंबर को बिरला की सदस्यता खत्म करने का आवेदन दिया था। फिर इसे स्थगित करने को कहा। 25 नवंबर को दोबारा आवेदन दिया और सदस्यता खत्म करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने इस आवेदन में तकनीकी त्रुटि पाई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने तीन पेज का आदेश जारी किया है।
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि बिरला ने मुख्यमंत्री के सामने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की घोषणा की थी। उन्होंने इंटरनेट मीडिया अकाउंट में स्वयं को भाजपा का सदस्य बताया है, जिसके दस्तावेज हमने दिए थे। विधानसभा ने हमसे कोई पूछताछ नहीं की। अब हम फिर से आवेदन देंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे।