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नवरात्रि पर सख्ती: मध्यप्रदेश में गरबा के लिए समयसीमा तय, रामलीला-रावण दहन के लिए दिशानिर्देश जारी

Thu, 07 Oct 2021 08:24 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में नवरात्रि के दौरान रात 10 बजे तक ही गरबा हो सकेंगे। कलेक्टर को गरबे के संबंध में सूचना देना जरूरी होगा। गरबा स्थल व पंडालों में रात 10 बजे तक ही डीजे, बैंड या ढोल बजाने की अनुमति रहेगी। 
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गरबा - फोटो : ANI
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विस्तार
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आज से देश भर में शारदीय नवरात्र पूजा की शुरुआत होने जा रही है। भक्तों में जहां इस पूजा को लेकर हर्षोल्लास है वहीं कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश में भी प्रशासन ने भक्तों से कोरोना नियमों का पालन करने के लिए कहा है। आइए जानते हैं प्रशासन की तरफ से जारी किए गए दिशानिर्देश के बारे में... 

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रात 10 बजे तक ही गरबा की अनुमति

मध्यप्रदेश में नवरात्रि के दौरान रात 10 बजे तक ही गरबा हो सकेंगे। कलेक्टर को गरबे के संबंध में सूचना देना जरूरी होगा। दरअसल, गरबा स्थल व पंडालों में रात 10 बजे तक ही डीजे, बैंड या ढोल बजाने की अनुमति रहेगी।  इस दौरान लोगों को मास्क पहनना जरूरी होगा।

रामलीला पर इन नियमों का करना होगा पालन
दशहरे पर रामलीला का मंचन भी किया जा सकेगा, लेकिन मैदान या हॉल की क्षमता  50 फीसदी ही रहेगी। इसके लिए आयोजनकर्ताओं को कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी और यह भरोसा भी दिलाना होगा कि शारीरिक दूरी का पालन करने के साथ कोरोना संक्रमण की रोकथाम संबंधी नियमों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। 
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रावण दहन
रावण दहन से पहले चल समारोह सिर्फ प्रतीकात्मक तरीके से निकाले जा सकेंगे। रावण दहन के बड़े पैमाने पर आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि इनमें लाखों लोग जुटते हैं। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में रात 11 बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। आयोजन स्थल पर सिर्फ 50 फीसदी लोगों को ही मौजूद रहने की छूट रहेगी।

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सिर्फ 10 लोग
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सिर्फ 10 लोगों को अनुमति रहेगी। उसके लिए भी पूजा समिति को प्रशासन से इजाजत लेना होगी। ये तय करना और निगरानी रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विसर्जन स्थल पर किसी तरीके की भीड़ नहीं हो।  

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