मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले मौजूदा विधायकों द्वारा गलत हलफनामें को लेकर की शिकायते सामने आ रही हैं। राज्य के तीन मंत्रियों के बारे में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने राज्यपाल से पैन नंबर की गलत जानकारी देने की शिकायत की है। सरकार में तीन मंत्रियों पारस जैन, अंतर सिंह आर्य और दीपक जोशी पर 2008 और 2013 के चुनाव में संपत्ति का ब्यौरा देते वक्त दस्तावेज में गलत पैन नंबर दिए जाने का आरोप लगा है।
आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इन तीनों मंत्रियों के बारे में राज्यपाल को एक शिकायत सौंपी है और कहा है कि तीनों मंत्रियों ने पैन नंबर की गलत जानकारी देकर आईटी एक्ट की धारा 139-ए का उल्लंघन किया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में दिये गए प्रावधानों के अनुसार तीनों मंत्रियों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
इसी तरह के मामले में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से भी उनके द्वारा दी गई हलफनामें को लेकर सवाल किये गये जिसकी सफाई में उन्होने कहा कि उनका केवल एक ही पैन कार्ड है और उसमें किसी भी प्रकार की कोई गलती नहीं है। वही,मंत्री आर्य, जैन और जोशी पर लगे आरोप पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है जिसमें इन्होने आरोप से इंकार करते हुए तर्क दिया कि उनके पैन कार्ड सही हैं ।
पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने स्वीकार किया कि उनका एक पैन कार्ड सेंधवा और एक भोपाल का हो सकता है और वो हमेशा सही तरीके से इन्कम टैक्स रिटर्न जमा करते हैं। मंत्री जी के मुताबिक उनके पैन कार्ड में कहीं कोई गलती नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक जोशी ने उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके पास सिर्फ एक पैन कार्ड है और वो सही है। इसी तरह ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन ने कहा कि वैसे तो मेरा पैन कार्ड सही है, लेकिन कहीं कोई गलती है तो उसे ठीक करवा लिया जायेगा।