फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश : नाम बदल कर हिंदू लड़की से शादी की, फिर डालने लगे धर्म बदलने का दबाव, लव जिहाद का केस दर्ज

Wed, 25 Aug 2021 04:31 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा

सार

मध्यप्रदेश में भी लव जिहाद के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह मामला आगर मालवा जिले का है। आरोपी के खिलाफ मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एक्ट 2021 के तहत केस दर्ज कराया गया है। 

 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के सुसनेर में 'लव जिहाद' का मामला उजागर हुआ है। इरफान नामक युवक ने अपना नाम बदलकर एक हिंदू लड़की को अपने चंगुल में फंसाया और फिर उससे शादी कर ली। शादी के बाद आरोपी व उसके परिजन युवती पर धर्म बदलने के लिए दबाव डालने लगे। 

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार आरोपी इरफान ने 24 वर्षीय युवती को अपना नाम रोहन बताया था। युवती जिले के शुजालपुर की रहने वाली है। इसी साल फरवरी में उसने जबरन निकाह रचाया था और इसके बाद उसका नाम आलिया रख दिया। युवती ने एफआईआर में इरफान व उसके परिजनों द्वारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने के लिए मारपीट का आरोप लगाया है।

युवती के अनुसार कॉलेज में पढ़ाई के दौरान इरफान ने अपना नाम रोहन बताकर दोस्ती गांठी और फिर दोनों ने घर से भागकर तीन साल पहले शादी कर ली थी। उस वक्त युवती के पास दो लाख रुपये भी थे। ये रुपये भी आरोपी इरफान ने रख लिए। शादी के बाद उनकी दो साल की बेटी और एक 11 महीने की बेटा भी है। 
विज्ञापन


इसी साल मार्च से दोनों इरफान के परिवार के साथ सुसनेर आकर रहने लगे। इरफान के परिजनों ने यहां उस पर जबरन अपना धर्म बदलने का दबाव डाला। इसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट की जाने लगी। इसके बाद इरफान उसे किसी से मिलने नहीं दे रहा था। गत 19 अगस्त को मौका पाकर लड़की अपने माता पिता के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। इसके बाद युवती के मायके वाले सुसनेर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। 

सुसनेर थाना प्रभारी राजीव उइके के अनुसार मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एक्ट 2021 की धारा पांच व मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश में 27 मार्च 2021 से मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम प्रभावी है। इस विधेयक में अपना धर्म छिपाकर (लव जिहाद) धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का उल्लंघन करने पर तीन साल से 10 साल तक के कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड तथा सामूहिक धर्म परिवर्तन (दो या अधिक व्यक्ति का) का प्रयास करने पर पांच से 10 वर्ष तक की जेल व एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें