मध्य प्रदेश के चर्चित, बर्खास्त आईएएस अफसर अरविंद जोशी का गंभीर बीमारी के बाद निधन हो गया। 2010 में आईएएस जोशी दंपति के घर पर आयकर छापा पड़ा था। इसमें 3.6 करोड़ रुपये नगद और कई संपत्तियों का खुलासा हुआ था। भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से 1979 बैच के आईएएस अफसर अरविंद जोशी और उनकी 1979 बैच की आईएएस अफसर पत्नी टीनू जोशी को 2014 मे बर्खास्त किया गया था।
जोशी दंपति के सरकारी आवास पर आयकर विभाग का छापा 4 फरवरी 2010 को पड़ा था। इसमें 3.6 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। अगले ही दिन राज्य सरकार ने जोशी दंपति को निलंबित किया गया था। अरविंद जोशी देश के ऐसे पहले आईएएस अफसर हैं, जिन्हें राज्य सरकार की सिफारिश पर बर्खास्त किया गया था। आयकर विभाग से लेकर ईडी तक की जांच में उन्हें आरोपी बनाया गया था।
7.11 करोड़ रुपये की काली कमाई को सफेद किया
जोशी दंपति को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने 2018 में 7.11 करोड़ रुपये की काली कमाई को सफेद करने का खुलासा किया था। दंपति ने अपने रिश्तेदारों और नजदीकी लोगों के नाम पर बीमा योजनाएं और अचल सम्पत्तियां खरीदी थी, जिसमें से अधिकांश नगदी में थी। ईडी की विज्ञप्ति के मुताबिक पीएमएलए के तहत जोशी दंपति के खिलाफ 1,552 पेज का आरोप पत्र पेश किया गया था। बर्खास्त आईएएस दंपति के साथ ही उनके तीन नजदीकी रिश्तदारों, एसपी कोहली, उनके बेटे सीमांत कोहली और एक निजी बीमा कंपनी की प्रबंधक सीमा जायसवाल पर आरोप लगाए गए थे। ईडी की जांच में सामने आया था कि जोशी ने बीमा योजनाओं में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर तीन करोड़ से अधिक का निवेश किया है।
कोड वर्ड में लिखते थे हिसाब-किताब
आईएएस रहने के दौरान जोशी दंपति ने घूस से काली कमाई की। इसे सफेद बनाने में उनके विश्वस्त सहयोगी एसपी कोहली ने मदद की। जोशी और कोहली एक-दूसरे से नकदी के लेन-देन का हिसाब कोड वर्ड में लिखा जाता था। लोकायुक्त पुलिस की चार्जशीट कहती है कि जोशी आईएएस दंपति ने 41.87 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई जो उनकी आय से 3151.32 प्रतिशत ज्यादा है।