अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के खिलाफ राज्य सरकार गंभीर है। इसके लिए नई पॉलिसी बनाने की बात कही जा रही है। राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा कि ऐसे तो कोई भी व्यक्ति अमेजन से हथियार भी सप्लाई करने लगेगा। इसके लिए सख्त ई-कॉमर्स नीति लागू करने की जरूरत है।
दरअसल, तीन महीने पहले इंदौर में एक युवक ने अमेजन से सल्फास मंगाया और उसे खाकर जान दे दी थी। उसके फल विक्रेता पिता ने मंगलवार को इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह से मुलाकात कर ई-कॉमर्स कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान कलेक्टर ने भी कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसी मामले से जुड़े एक प्रश्न पर डॉ. मिश्रा ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि अमेजन से मंगाए जाने वाले सामान का अपराध में इस्तेमाल हो रहा है। अभी तो गांजा तस्करी में ही अमेजन का इस्तेमाल सामने आया है। कंपनी के अधिकारियों को जांच के लिए बुलाया गया है। यह मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि अमेजन से जहर भी मंगवाया जा रहा है। ऐसे तो अमेजन से हथियारों की तस्करी की आशंका भी हमेशा बनी रहेगी।
अमेजन पर कोई कंट्रोल नहीं
इससे पहले, भिंड में कड़ी पत्ते के नाम पर अमेजन के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए गांजे की तस्करी का मामला सामने आया था। इस मामले में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। गृहमंत्री ने कहा कि अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नीति का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। अभी ई-कॉमर्स कंपनियों से सामान मंगवाने या भेजने पर कोई नियंत्रण नहीं है। ई-कॉमर्स नीति से यह संभव है।