इस तरह जमींदोज हो गई टोस फैक्टरी।
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उज्जैन पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन ने दो दिन में तीन बड़ी कार्रवाइयां की है। इसके तहत मिलावटी डीजल बनाने वाले, गंदगी में टोस बनाने वाले और आपराधिक किस्म के युवक के निर्माण जमींदोज किए हैं। इस कार्रवाई से गलत कार्यों में लिप्त लोगों में भय व्याप्त है।
जानकारी के मुताबिक महाकाल थाना क्षेत्र के बदमाश आमीन उर्फ काला पिता अकरम ने अवैध रूप से मकान बनाया था। उस पर अलग-अलग धाराओं में 17 केस दर्ज हैं। हफ्ता वसूली, घर में घुसकर मारपीट करना, अवैध और जहरीली शराब बेचने जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। आदतन अपराधी होने के चलते पुलिस ने उस पर बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की है। बुधवार को पुलिस बल नगर निगम की टीम के साथ आमीन के अवैध मकान पर पहुंचा। परिवार को बाहर निकालकर कुछ ही देर में पूरा घर जमींदोज कर दिया। घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ लग गई। पुलिस बल तैनात रहा। किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
मिलावटी डीजल और टोस की फैक्टरी जमींदोज
अन्य मामले में उज्जैन प्रशासन ने मिलावटी डीजल तैयार करने वाले शिवराज सिंह गुर्जर के खिलाफ कार्रवाई की। नगर निगम और पुलिस के साथ शंकरपुर में नकली बायोडीजल बनाने वाली फैक्ट्री के ढांचे को ढहाया। अगस्त माह में यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई की थी और नकली व मिलावटी बायोडीजल जब्त किया था। कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर छापामार कार्रवाई के बाद फैक्टरी को तोड़ा गया। फैक्टरी मालिक शिवराजसिंह गुर्जर निवासी उज्जैन तथा ऑइल दुकान खोलकर नकली बायोडीजल विक्रय करने वाला दुकान मालिक कृष्णा निवासी उज्जैन के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत चिमनगंज मण्डी थाने में केस दर्ज हुआ था। कार्रवाई के दौरान गोदाम से गोदाम कारखाने से 50 किलो की कास्टिक सोड़ा की बोरी, 40 लीटर लाइट पैराफिन, एक भटटी व रोटरी घूमने वाले भट्टी। 2 प्लास्टिक ड्रम, 5 लोहे के ड्रम, 3 प्लास्टिक पानी की टंकी, गैस नली जब्त की गई थी। इसी तरह की कार्रवाई करते हुए एक टोस फैक्टरी जमींदोज की गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने 23 सितंबर को यहां छापामार कार्रवाई की थी। टोस का सेंपल लेकर भोपाल स्थित लैब भेजकर फैक्टरी को सील किया था। सनराइज फन एंड फूड नाम से टोस बनाए जा रहे थे। टोस में अमानक सेक्रीन मिला था। इन सब अनियमितताओं के चलते टोल बनाने वाली फैक्टरी को जमींदोज किया गया। नगर निगम ने दो बार फैक्टरी मालिक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था लेकिन जवाब नहीं मिला जिसके बाद तोड़ने की कार्रवाई की। फैक्टरी के मालिक गुलरेज खान और संदीप शर्मा हैं।