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मध्य प्रदेश: राज्य में मिलती रहेगी शराब, सरकार ने प्रतिबंध लगाने से किया इंकार

Sat, 30 Jun 2018 02:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का उनका कोई इरादा नहीं है। इस फैसले को न्यायसंगत बताते हुए मंगलवार को विधानसभा में राज्य वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि ऐसा करने से सरकारी कोष को नुकसान पहुंचेगा। साथ ही इससे राज्य की जनजातीय आबादी की भावनाओं को भी ठेस पहुंचेगी क्योंकि वह धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब का प्रयोग करते हैं।

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उन्होंने दावा किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी निष्कर्ष निकाला है कि आज के समय में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना मूर्खता होगी। बता दें राज्य सरकार ने अपनी ही योजना से यू-टर्न ले लिया है। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अप्रैल माह में कहा था कि शराब की सभी दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।

अन्य राज्यों में शराब प्रतिबंध विफल रहा है

कांग्रेस सांसद जीतू पटवारी के लिखित प्रश्व के जवाब में मलैया ने विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कहा कि वर्तमान में शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।  उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद 10 राज्यों मिजोरम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडू और बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करने के बाद मिजोरम, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडू और केरल ने इस फैसले को पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से वापस भी ले लिया।
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कल्याणकारी योजनाओं की फंडिंग पर पड़ता है प्रभाव

मलैया ने आगे कहा कि शराब पर प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक रूप से ठीक नहीं है क्योंकि मध्य प्रदेश की सीमाएं अन्य पांच राज्यों यूपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के साथ जुड़ी हुई हैं। गुजरात को छोड़कर अन्य किसी भी राज्य में शराबबंदी नहीं है। यदि प्रतिबंध लगा भी दिया जाए तो इससे इसकी तस्करी बढ़ जाएगी।

मलैया के मुताबिक शराब बिक्री से प्रति वर्ष 8,500 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती है। इन पैसों का इस्तेमाल राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं में करती है। शराब बंदी से कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होंगी। इस राजस्व घाटे को कम करने के लिए अन्य वस्तुओं पर भी कर लगाया जाएगा जिससे वह चीजें और भी ज्यादा महंगी हो जाएंगी।

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