प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद से कांग्रेस हमलावर हो गई और इसे आंदोलन कर रहे किसानों की जीत बताने लगी। यह भी कहा कि उपचुनावों के नतीजों और आने वाले चुनावों के परिणामों से डरकर पीएम ने यह घोषणा की है। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी कहा है कि किसान अपना हित समझता है। उसे मूर्ख नहीं बना सकते। सिंह ने प्रधानमंत्री के सामने तीन मांगे भी रखी।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह शुक्रवार को मध्य प्रदेश के देवास जिले के नेमावर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कृषि कानून वापस लिए जाने के सवाल पर कहा कि किसानों ने ये बता दिया कि बिना उससे पूछे आप कोई कानून लाएंगे तो यही होगा। किसान अपना हित समझता है। आप उसे मूर्ख नहीं बना सकते। सिंह ने प्रधानमंत्री से तीन मांग की। पहली ये कि आने वाले सत्र में इस कानून को निरस्त करने के लिए कानून लाएं ताकि संसद की सील लग सके। दूसरी मांग ये कि एमएसपी को कानूनी स्वरूप देने के लिए सभी राजनीतिक दलों और किसानों से चर्चा करें। आने वाले सत्र या बजट सत्र में किसानों के पक्ष में एमएसपी कानून लाएं। तीसरी मांग ये कि शहीद किसानों को पूरा सम्मान दिया जाए और उनकी शहादत स्वीकार कर उन्हें राहत राशि दी जाए।
देश के किसानों की जीत
मप्र के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी देवास में इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। वर्मा ने कहा कि तानाशाह सरकार और तानाशाह प्रधानमंत्री के आगे आज देश के किसानों की जीत हुई है। अपने हितों की लड़ाई के लिए लाखों किसान दिल्ली की बॉर्डर पर अनशन कर रहे हैं। छह सौ लोगों की कुर्बानी के सालभर बाद प्रधानमंत्री जागे हैं। हमको राजनीतिक लाभ नहीं चाहिए लेकिन पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ था। यह देश के किसानों की जीत है।
कई आए और कई गए, कांग्रेस को फर्क नहीं पड़ा
कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा को समर्थन देने के सवाल पर वर्मा ने कहा कि कांग्रेस महासागर है। सबसे बड़ा दल है। इसमें कई आए और कई चले गए लेकिन कांग्रेस को फर्क नहीं पड़ा। आजादी को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान पर कहा कि कंगना की औकात के बारे में क्या बोलूं मैं, वो आजादी के इतिहास को बताएगी। जब महात्मा गांधी के सामने नरेंद्र मोदी की कोई औकात नहीं है तो कंगना की क्या औकात है। वह कहती है कि 2014 में देश को आजादी मिली। मैं कंगना से कहता हूं कि जा और जाकर नरेंद्र मोदी के चरण चाट ले।