इंदौर पुलिस ने गुरुवार को पेट्रोल की कालाबाजारी के एक मामले का खुलासा किया है। यहां कैमिकल से नकली (अमानक स्तर का) पेट्रोल बनाकर उसे बेचा जा रहा था। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
शिकायत के बाद इंदौर पुलिस ने डाली दबिश
जानकारी के अनुसार किशनगंज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि उनके क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप से नकली (अमानक स्तर) का पेट्रोल बेचा जा रहा है। इसकी जांच के बाद टीआई शशिकांत चौरसिया टीम के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे। पेट्रोल पंप का नाम एमपी मुंबई ऑटो पेट्रोल-डीजल है। यहां एक टैंकर खाली हो रहा था। पुलिस ने टैंकर चालक को सुरेश को पकड़ा और पूछताछ की।
चालक ने पूरी बात बता दी। इसके बाद शिवम इंडस्ट्रीज पीथमपुर में दबिश देकर वहां के मैनेजर चंद्रप्रकाश को पकड़ा। पुलिस ने नकली तेल के पांच टैंकर भी जब्त किए हैं। मामले में पंप मालिक को भी आरोपी बनाया है।
कैमिकल से खुद ही बनाते थे पेट्रोल
टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी चंद्रप्रकाश और चालक सुरेश को हिरासत में लिया है। इंडस्ट्री के मालिक को भी आरोपी बनाया है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की थी। पेट्रोल पंप से सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रथमदृष्ट्या पेट्रोल अमानक स्तर का पाया गया है। आमतौर पर रिफाइनरी से पेट्रोल भेजा जाता है लेकिन आरोपियों ने खुद ही इसका निर्माण शुरू किया था और कैमिकल की मदद से अमानक स्तर का पेट्रोल बनाते थे। मालिक फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पूछताछ के बाद पूरी जानकारी मिल सकेगी।
मुंबई-गुजरात से मंगवाते थे रॉ मटेरियल
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शिवम इंडस्ट्रीज में मुंबई और गुजरात के हजीरा से फ्यूल ऑइल सहित कुछ अन्य कैमिकल मंगवाते थे। इनको मिलाकर मिश्रण तैयार करते थे, जो पेट्रोल डीजल की तरह दिखता है और काम करता है। यह अमानक स्तर का होता है। इस मिलावटी पेट्रोल को पंप मालिक पंप पर खाली करवाता था। उसके पास भारत पेट्रोलियम की एजेंसी है।