ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर।
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मध्य प्रदेश में कोयले की कमी और बिजली संकट को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बयान सामने आया है। बिजली संकट को लेकर ऊर्जा मंत्री तोमर का कहना है कि कुछ परेशानियां हैं जिनका समाधान हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में कोयले कोई कोई कमी नहीं है। गर्मी अधिक बढ़ गई है ऐसे में बिजली की मांग भी बढ़ी है तो उत्पादन भी बढ़ाने की आवश्यकता है। जितनी मात्रा में कोयला चाहिए उतने कोयले की समय पर व्यवस्था हो जाएगी, प्रदेशवासियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछली बार भी कोयला संकट को लेकर सवाल खड़े हुए थे हमने तब भी कहा था कि कोयले की कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही कहा कि अगर मध्य प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आ गई तो बात अलग है, लेकिन हम कमी होने का संकट नहीं होने देंगे। इसको लेकर हमने रेल मंत्री, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, कोयला मंत्री से बात की है और हम दिन प्रतिदिन कोशिश कर रहे हैं कि हमें पर्याप्त कोयला प्राप्त हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गर्मी में खपत बढ़ी है जैसे किसी शादी में बारातियों की संख्या 30 के जगह 100 आ जाती है तो उसकी व्यवस्था हमें करनी पड़ती है। अचानक जो मांग बढ़ गई है उसकी व्यवस्था हम कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं होने देंगे।
मंत्री तोमर ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि जहां-जहां लाइनें खराब है उन लाइनों को बदला जाए, वही फॉल सीलिंग को ठीक करने के लिए 31 मई तक का समय अधिकारियों को दिया है। इसके साथ ही जितने नए सब स्टेशन हाल ही में बनाए गए हैं उनमें स्टाफ की तैनाती भी की जाए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में रिंग रोड की तर्ज पर अब रिंग मोनो पोल बिजली की लाइन डाली जाएगी ताकि सभी सब-स्टेशन एक दूसरे के साथ कनेक्ट रहें। यदि एक सब स्टेशन में कोई फॉल्ट आता है तो दूसरी जगह से तत्काल सप्लाई दी जा सकेगी। वहीं उन्होंने कहा कि कुछ रिहायशी इलाकों में हाई टेंशन लाइन से समस्या आ रही है,उसके रुट बदलने के निर्देश दिए गए हैं।