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मध्यप्रदेश चुनावः राजनीतिक दलों ने किया मुस्लिम उम्मीदवारों से किनारा

Wed, 14 Nov 2018 12:30 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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मुस्लिम समुदाय के एक कार्यक्रम की फाइल फोटो
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। वोटबैंक कहलाने वाले मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवारों को पार्टियों ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। कांग्रेस पर हमेशा मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगता रहा है, लेकिन उसने भी वक्त की नजाकत को भांपते हुए इस विधानसभा चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों को लगभग न के बराबर टिकट दिए हैं।
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कांग्रेस और भाजपा ने कुल मिलाकर 459 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं लेकिन इनमें से मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या सिर्फ चार है। कांग्रेस ने जहां विधानसभा चुनाव में तीन मुस्लिम चेहरे उतारे हैं तो वहीं भाजपा ने पूरे प्रदेश में सिर्फ एक मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट थमाया है।

इस चुनाव में भाजपा ने अपनी एकमात्र उम्मीदवार फातिमा रसूल सिद्दीकी को भोपाल उत्तर से टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस ने भोपाल उत्तर से आरिफ अकील और भोपाल मध्य से आरिफ मसूद को टिकट दिया है और सिरोंज से मसर्रत शाहिद को मैदान में उतारा है।
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मध्य प्रदेश में कुल आबादी की लगभग 6 फीसदी आबादी मुसलमानों की है, लेकिन इसके बावजूद बीते दो विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस ने कुल 10 मुस्लिम प्रत्याशी ही मैदान में उतारे हैं। 2013 चुनाव की बात करें तो भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में भी सिर्फ एक मुस्लिम प्रत्याशी आरिफ बेग को टिकट दिया था, जबकि कांग्रेस ने 5 मुस्लिम प्रत्याशियों आरिफ अकील, फिरोज अहमद खान, अब्दुल मजीद खान, आरिफ मसूद और यूसूफ काडापा को मैदान में उतारा था।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि कांग्रेस हिंदु वोटों को अपनी तरफ करने के लिए भाजपा की राह पर चल रही है, जबकि मुस्लिम वोट तो पार्टी से जुड़ा ही रहेगा।
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