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जीते-जी संघ पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते, कांग्रेसी मित्र संघ में जाएं और राष्ट्रवाद सीखें : उमा भारती

Wed, 14 Nov 2018 12:29 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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uma bharti
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मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकी संगठन करार देने और इससे पहले आरएसएस की शाखाओं में सरकारी कर्मचारियों के जाने पर रोक लगाने के कांग्रेस के चुनावी वादे को लेकर सूबे की चुनावी सियासत में उबाल आ गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मंगलवार रात संघ के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि संघ पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह संगठन एक विचारधारा के रूप में उन जैसे कई लोगों के मन में बसा है। 
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उमा ने यहां संवाददाताओं से कहा, "संघ एक राष्ट्रवादी विचारधारा है जो हम सबके अंदर बसी है। यही वजह है कि संघ या इसके किसी कार्यकर्ता का कभी औपचारिक पंजीयन नहीं कराया जाता।" 

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जब तक हम लोग मर नहीं जाते, तब तक संघ पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। हम जब तक ज़िंदा रहेंगे, संघ हमारे भीतर बना रहेगा।" 
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उमा ने कहा, "मैं तो कांग्रेस के मित्रों से भी कहूंगी कि वे खुद संघ की शाखाओं में जाएं और राष्ट्रवाद सीखें।" 

बता दें कि रीवा से कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकी संगठन करार दिया। सुंदरलाल तिवारी ने मंगलवार को कहा, "आरएसएस वह संस्था है जिसने महात्मा गांधी की हत्या की। वे धार्मिक आधार पर देश में नफरत का माहौल पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कभी भारतीय ध्वज नहीं फहराया। वे आतंकवाद के प्रतीक हैं।" 

हालांकि सुंदरलाल तिवारी के विवादित बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस ऐसी संस्था होती तो हम प्रतिबंध लगाने की बात करते। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए  उमा ने कहा कि राहुल ऐसा नेता हैं जिसमें गंभीरता का घोर अभाव है। उन्होंने कहा, "राहुल हर जगह केवल फोटो खिंचवाने और पिकनिक मनाने जाते हैं। कांग्रेस के लोगों को अच्छा कार्यकर्ता बनने के लिये भाजपा से प्रशिक्षण लेना चाहिये।" 

उमा ने वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के खिलाफ भाजपा के अभियान की अगुवाई की थी। इन चुनावों में भाजपा ने विजय हासिल की थी और पिछले 15 सालों से यह पार्टी सूबे की सत्ता में बरकरार है। 

वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों और सूबे के आसन्न विधानसभा चुनावों में अंतर पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "तब हमारा मुकाबला कांग्रेस की तत्कालीन सरकार की गलत करतूतों से था। अब हमें लोगों की आशाओं पर खरा उतरना है।" 

उमा ने कहा, "सूबे में 28 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के सामने कांग्रेस टक्कर में कहीं नहीं है। राज्य हो या केंद्र, कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में नाकाम रही है।" (इनपुट:भाषा)
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