इस बार भाजपा के तीन लोकसभा सदस्य अनूप मिश्रा, मनोहर ऊंटवाल और नागेन्द्र सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे मिश्रा ग्वालियर की भितरवार, ऊंटवाल आगर मालवा और नागेन्द्र सतना की नागौद सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। जबकि कांग्रेस से सीएम के दो चेहरे कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
हालांकि शिवपुरी जिले में कोलारस से कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह यादव ने अभी से ऐलान कर दिया है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर यदि सिंधिया सीएम बने तो वह चुनाव जीतने पर उनके लिए अपनी सीट खाली कर कर देंगे। यादव ने सिंधिया के सामने भरी सभा में यह ऐलान किया और सिंधिया ने भी इसे स्वीकार कर लिया।
30 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
राज्य में अधिकांश सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। लेकिन करीब 30 सीटें ऐसी हैं, जहां दोनों पार्टियों के बागियों और कुछ स्थानों पर बसपा-सपा के कारण त्रिकोणीय संघर्ष के हालात हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए दोनों ही दलों के प्रबंधकों ने आखिर तक जोर लगाया, पर बात बनी नहीं। यह स्थिति प्रदेश के हर अंचल में है।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में सर्वाधिक 66 सीटें हैं। माना जाता रहा है कि जिसने यहां किला फतह कर लिया, वो सिकंदर हो जाता है। पिछली बार 66 में से 57 (एक निर्दलीय) सीटें भाजपा के पास थीं। सवाल है कि इस बार भी क्या दृश्य ऐसा ही रहने वाला है? यही हाल राज्य के दूसरे हिस्सों विंध्य, महाकौशल, बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल और मध्य भारत का है।
पहली बार छह किन्नर भी मैदान में
पहली बार छह किन्नर प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। इनके नाम हैं- अनूपपुर जिले की कोतमा सीट से पूर्व विधायक शबनम मौसी उर्फ शबनम कोल (61), मुरैना जिले की अंबाह सीट से नेहा किन्नर (28), दमोह जिले की दमोह सीट से रिहाना शब्बो बुआ (56), शहडोल जिले की जयसिंह नगर सीट से सल्लू मौसी (30), होशंगाबाद जिले की होशंगाबाद सीट से पांची देशमुख (44) और इंदौर जिले की इंदौर-2 सीट से बाला वैश्वरा (28)। इनमें अंबाह में नेहा किन्नर को सपाक्स पार्टी का समर्थन मिल रहा है।
किसके कितने प्रत्याशी
सीटें : 230
भाजपा : 230
कांग्रेस : 229 (जतारा सीट शरद यादव की पार्टी के लिए छोड़ी)
बसपा : 227
सपा : 51
सपाक्स : 109
आप : 208
शिवसेना : 81
गोंडवाना : 73
निर्दलीय : 1102
कुल उम्मीदवार : 2907
महिला प्रत्याशी : 235
दोबारा चुनाव लड़ रहे भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5-5 करोड़ रुपए है। इनमें भाजपा के 89 और कांग्रेस के 71 करोड़पति उम्मीदवार हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति भाजपा के संजय पाठक के नाम है। विजयराघवगढ़ से उम्मीदवार पाठक ने अपनी संपत्ति 141 करोड़ रुपए दर्शाई है। दूसरे नंबर पर भाजपा के ही चेतन कश्यप (120 करोड़ रु.) हैं। कांग्रेस से सबसे ज्यादा संपत्ति वाले उम्मीदवार संजय शर्मा हैं, जो चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने अपनी संपत्ति 65 करोड़ दर्शाई है।
शीर्ष पांच अमीर उम्मीदवार
उम्मीदवार पार्टी संपत्ति(रुपए में)
संजय पाठक भाजपा 141 करोड़
चेतन कश्यप भाजपा 120 करोड़
संजय शर्मा कांग्रेस 65 करोड़
केपी सिंह कांग्रेस 60 करोड़
सुरेंद्र पटवा। भाजपा 38 करोड़
दोबारा चुनाव में उतरे भाजपा के 28 और कांग्रेस के 41 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से भाजपा के 18 और कांग्रेस के 27 उम्मीदवारों पर गंभीर केस दर्ज हैं। भाजपा के 14 प्रतिशत और कांग्रेस के 27 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। भाजपा के जयभान सिंह पवैया और कांग्रेस के गिरीश कुमार पर सबसे ज्यादा 8-8 गंभीर केस दर्ज हैं।
2013 का परिणाम
भाजपा - 165
कांग्रेस - 58
बसपा - 04
अन्य - 03
कुल मतदाता : 5,04,95251
पुरुष मतदाता : 2,63,01,300
महिला मतदाता : 2,41,30,390
थर्ड जेंडर : 1389
पोस्टल बैलेट : 62,172
पहली बार के मतदाता : 10,93,445
इनमें नवयुवक : 6,48,043
नवयुवती : 4,45,330
कुल मतदान केंद्र : 65,340