मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में वो घड़ी आ गई है जब राज्य की जनता नेताओं के भविष्य का फैसला करेगी। 230 सीटों के लिए यहां बुधवार को मतदान होगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट की बैहर, लांजी और परसवाड़ा सीट में सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक तो शेष 227 सीटों के लिए सुबह आठ से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। शांतिपूर्ण मतदान के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। कुल 1.80 लाख सुरक्षाकर्मी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सीएम शिवराज सहित कुल 2907 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इसके अलावा बुधवार को मिजोरम में भी 40 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा। यहां सीएम ललथनहवला और कांग्रेस की साख दांव पर है। मध्यप्रदेश में 5 करोड़ से ज्यादा जबकि मिजोरम में 7.7 लाख मतदाता हैं।
मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार में भाजपा की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, सीएम शिवराज सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं व कई केंद्रीय मंत्रियों ने पूरी ताकत झोंक दी। कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमान संभाली। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई बड़े नेताओं ने प्रचार की कमान संभाली। देर से ही सही दिग्विजय सिंह ने भी कुछ सभाओं को संबोधित किया। चुनाव प्रचार में भाजपा-कांग्रेस दोनों तरफ से बयानों के ऐसे तीर चले जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं।
प्रदेश में कुल 3,00,782 कर्मचारी चुनाव कार्य में लगाए गए हैं। इनमें 45,904 महिला कर्मचारी शामिल हैं। प्रदेश में 65,367 मतदान केंद्रों पर चुनाव कराया जा रहा है। इसके साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये 1.80 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें केंद्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
इस अहम चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस पिछले 15 साल से सत्तारुढ़ भाजपा को उखाड़ने के लिए प्रयास कर रही है जबकि भाजपा ने लगातार चौथी दफा प्रदेश की सत्ता में आने के लिए अबकी बार 200 पार का लक्ष्य तय किया है। सीएम शिवराज के सामने भाजपा की वापसी कराने की जिम्मेदारी है। इस चुनाव में हार-जीत ही उनका सियासी भविष्य भी तय कर देगी। कांग्रेस ने पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ दल के गढ़ में सेंध लगाने की भरसक कोशिश की है।
आरोप-प्रत्यारोप का चला दौर
चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लगातार प्रदेश के लोगों से वादा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के दस दिन के अंदर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा और प्रदेश में युवाओं के रोजगार के लिये विशेष ध्यान दिया जाएगा। जबकि पीएम मोदी ने किसानों की बर्बादी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश सरकार ने 15 साल और केंद्र सरकार के चार साल के शासन में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दिया गया है।
सीएम चौहान ने चुनाव प्रचार में कहा कि 1993 से 2003 तक कांग्रेस के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासन काल में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य था और 2003 में भाजपा को बीमारू हालत में प्रदेश मिला था जबकि भाजपा के 15 साल में इसे बीमारू राज्य की श्रेणी से निकाल कर विकसित राज्य बनाया है। उन्होने मतदाताओं से भाजपा को समर्थन देने की अपील करते हुए प्रदेश को समृद्ध राज्य बनाने का दावा किया।
मिजोरम में मतदान
मिजोरम में आज 40 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान होना है। आज के इस मतदान में 7.70 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में मुख्यमंत्री ललथनहवला तीसरे बार मुख्यमंत्री बनने के लिए जबकि भाजपा पूर्वोत्तर के आखिरी गढ़ में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए जोर आजमाइश में लगी है।
1987 में एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद से मिजोरम में कांग्रेस और मिजोरम नेशनल पार्टी (एमएनएफ) सत्ता में है। आज के इस मतदान में दिलचस्प बात यह है कि आज तक कोई भी पार्टी राज्य में दो बार से अधिक सरकार नहीं बना सकी है।
मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर का यह एकमात्र राज्य है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। राज्य की आबादी करीब 10 लाख है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि मुख्य विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के खाते में पांच और मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस की झोली में एक सीट आई थी।