मध्यप्रदेश में संकट में फंसी कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी को बृहस्पतिवार को यहां अपने बागी विधायकों से मिलने के लिए पहुंचना भारी पड़ गया। कर्नाटक पुलिस ने मंत्री और उसके समर्थकों को उस रिसॉर्ट के बाहर ही रोक लिया, जिसमें 19 बागी विधायक ठहराए गए हैं। सोशल मीडिया पर जीतू और पुलिस अधिकारियों के बीच गर्मागर्मी का एक वीडियो भी वायरल हो गया है। हंगामा होने पर पुलिस ने लाठियां फटकार दीं और जीतू को समर्थकों समेत हिरासत में ले लिया।
हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से नाराज कर्नाटक कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को माफी मांगने के लिए कहा है। देर शाम पटवारी कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार से भी मिलने पहुंचे। उधर, भोपाल में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक पुलिस ने बंगलूरू में बागी विधायकों से मिलने पहुंचे मध्यप्रदेश के दो मंत्रियों जीतू पटवारी व लखन सिंह और एक बागी विधायक मनोज चौधरी के पिता से दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें हिरासत में लिया है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी कोर टीम के प्रमुख सदस्य और अपने करीबी दोस्त रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा का दामन थामने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, सिंधिया ने अपनी विचारधारा की अनदेखी कर दी और आरएसएस के साथ जाने का निर्णय लिया, क्योंकि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित थे। लेकिन मेरे पुराने दोस्त को भाजपा में न तो कभी इज्जत मिलेगी और न ही वह संतुष्ट होंगे। सिंधिया के दिल में क्या है और वह क्या बोल रहे हैं, इसमें अंतर है। मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की विचारधारा को जानता हूं। वे मेरे साथ कॉलेज में थे। मैं उनसे बात करना जारी रखूंगा। मैं उन्हें बेहतर जानता हूं।