मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 12 फरवरी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थियों को सहायता राशि का वितरण करेंगे। इसके तहत बैतूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक से देश में फसलों के नुकसान की अब तक की सबसे बड़ी राशि लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। पीएम फसल बीमा योजना में प्रदेश के 49 लाख दावों के लिए किसानों को 7600 करोड़ रुपये का भुगतान होना है। इसमें खरीफ-2020 और रबी-2020-21 की फसलों के दावे शामिल हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा रही है।
2016 में शुरू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में फसल बीमा योजना की शुरुआत की थी। कोशिश थी कि योजना से किसानों को फसल की सुरक्षा प्रदान की जा सके। प्राकृतिक आपदाओं की वजह से फसलों को होने वाले नुकसान का खामियाजा किसानों को न भुगतना पड़े। फसल बीमा योजना में प्रीमियम राशि को भी किसान की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए काफी कम रखा गया है। खरीफ फसलों के लिए बीमा राशि का मात्र 2% और रबी फसलों पर बीमा राशि का पर 1.5% प्रीमियम राशि किसानों को देनी होती है।
मध्य प्रदेश सरकार पूरे देश में अव्वल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर कृषि को लाभ का धंधा बनाने के सपने को साकार करने में मध्य प्रदेश सबसे आगे है। मुख्यमंत्री प्रदेश के किसानों को योजना का भरपूर लाभ देना चाहते हैं। इसी वजह से पिछले 5 साल से राज्य में बीमा योजना से लाभान्वित किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर काम कर रहे मुख्यमंत्री ने कृषि कल्याण योजनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया है कि न सिर्फ फसल बीमा योजना बल्कि किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की हर योजना का भरपूर लाभ मिले।
इस तरह बढ़ते गए बीमा योजना के दावे
साल 2016-17 में फसल बीमा योजना की शुरुआत हुई। पहले ही साल रबी व खरीफ की फसल मिलाकर कुल 9 लाख 61 हज़ार 659 किसानों को 1,814 करोड़ रुपये की फसल बीमा राशि वितरित की गई थी। 2019-20 में प्रदेश के 25 लाख 46 हजार 649 किसानों को 6,016 करोड़ रुपये की बीमा राशि वितरित की गई। 2020 की खरीफ और 2020-21 की रबी की फसलों के दावों की संख्या 49 लाख तक पहुंच चुकी है। राज्य सरकार की कोशिश है कि आगे भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों को होने वाले नुकसान की सहायता राशि का भुगतान कराया जा सके।