शिवराज ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम जहां दिन-रात कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के काम में लगे हैं। कई दिनों से चैन की सांस नहीं ली है। ऐसे में उम्मीद थी कि राष्ट्रीय संकट में देश एक होगा, राजनीतिक दल कम से कम इसे राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाएंगे, लेकिन उन्हें यह कहते हुए बेहद तकलीफ है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ देश का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं।
सीएम शिवराज के मुताबिक, भारतीय कोरोना जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना, 'इंडियन कोरोना' वाला बयान देना, क्या कांग्रेस को शोभा देता है? क्या कमलनाथ को शोभा देता है? क्या सोनिया गांधी को शोभा देता है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जब भी इस देश पर संकट आया, तब सारे राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर देश का साथ दिया है। एक नहीं ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जब पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ है। महासंकट की इस घड़ी में कमलनाथ घटिया राजनीति कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सहयोग करना तो दूर, आपदा में जब लोग संकट में हैं, तो वे अवसर तलाश रहे हैं।
शिवराज ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या कमलनाथ के इस बयान से दूसरे देशों में रहने वाले भारतीयों का मनोबल कम नहीं होगा? क्या देश के सम्मान पर चोट नहीं पहुंचेगी? क्या यह बयान राष्ट्रीद्रोह जैसा नहीं है? उन्होंने कहा कि कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, केंद्रीय मंत्री रहे। उसके बाद भी यह घटिया व्यवहार।