सीएम कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को भी इन गतिविधियों और आशंकाओं के बारे में पत्र लिखा है। इस समय कांग्रेस के विधायकों की सुरक्षा की चिंता है। उन्होंने कहा, 'मैंने माननीय राज्यपाल से अनुरोध किया था कि वे इन कैद विधायकों की तुरंत रिहाई हेतु केन्द्र शासन से अनुरोध करें किन्तु कोई सकारात्मक परिणाम अभी तक सामने नहीं आया है। आप इस बात से सहमत होंगे कि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की किसी मांग का कोई मतलब नहीं है जब तक मेरे पार्टी के 22 विधायकों को बाहर बंदी बनाकर रखा गया हो।'
उच्चतम सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा
सीएम ने कहा, 'मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते प्रदेश के सभी नागरिकों जिसमें विधायक गण भी शामिल हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व मुझ पर है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि कर्नाटक पुलिस द्वारा इन 22 विधायकों को रिहा कर दिया जाता है तो मैं राज्य सरकार की ओर से उच्चतम सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करूंगा ताकि वे न केवल बिना किसी डर के अपनी बात माननीय विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर सकें बल्कि
विधानसभा की आगामी दिनों में होने वाली विविध कार्यवाहियों में भी शामिल हो सकें।'
गृह मंत्री के नाते अपनी शक्ति का प्रयोग करें
मुख्यमंत्री ने कहा, 'इन सब स्थितियों को देखते हुए मेरा आपसे अनुरोध है कि आप कृपया केंद्रीय गृह मंत्री होने के नाते अपनी शक्तियों का प्रयोग करें, जिससे कांग्रेस के 22 विधायक जो बंदी बनाए गए हैं वे वापस मध्यप्रदेश सुरक्षित पहुंच सकें।'