मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी का मंगलवार करीब 11 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया।
वे जबलपुर में अपने निवास पर ही थे, जब उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
रोहाणी की तबियत रात से ही बिगड़ गई थी और डॉक्टर उन्हें ऑपरेशन की सलाह दे रहे थे।
रोहाणी का निधन भाजपा के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि महाकौशल की राजनीति में रोहाणी का खासा असर था।
हाल ही में उन्होंने कहा था कि महाकौशल की कुछ सीटें भाजपा हार सकती है और उसके बाद काफी विवाद पैदा हो गया था।
1946 में पाकिस्तान के कराची में जन्मे रोहाणी 1965 में भाजपा के साथ जुड़े और 1998 से 2003 के बीच विधानसभा उपाध्यक्ष रहे।
वे 2003 से लगातार विधानसभा अध्यक्ष रहे। रोहाणी देश के प्रमुख सिंधी नेता थे। वह 1975 में मीसाबंदी भी रहे थे।
जबलपुर में प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़े रोहाणी कांग्रेस के दो विधायकों की सदस्यता समाप्त करने और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार करने के कारण विवाद में रहे थे।
वे भाजपा के जिलाअध्यक्ष सहित कई सांगठनिक पदों पर काम करने के बाद 1993 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए।
अपनी विनोदप्रियता के लिए मशहूर रोहाणी 1998 में दूसरी बार जबलपुर से विधानसभा में चुन गए थे।
ज्ञान सिंह होंगे प्रोटेम स्पीकर
ईश्वरदास रोहाणी के निधन के बाद भाजपा के बांधवगढ़ से वरिष्ठ विधायक ज्ञानसिंह को सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) बनाया गया है। राज्यपाल रामनरेश यादव ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि कर दी है।