भाजपा ने उतारे पुराने चेहरे
भाजपा ने अधिकांश पुराने चेहरे चुनाव मैदान में उतारे हैं। इनमें कई मौजूदा मंत्री और विधायक शामिल हैं। भाजपा के ही लोग आरोप लगाते हैं कि 57 विधायकों के बावजूद मालवा-निमाड़ की राजनीतिक रूप से उपेक्षा की गई। इंदौर, धार, शाजापुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, और अलीराजपुर को शिवराज मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इन सभी जिलों में इस बार जबरदस्त वोटिंग हुई है। कहीं 70 से 75 फीसदी तो कही 75 से 80 फीसदी मतदान हुआ।
ये मंत्री मैदान में
पारस जैन
अर्चना चिटनीस
अंतरसिंह आर्य
विजय शाह
बालकृष्ण पाटीदार
15 साल से लगातार सरकार के कारण भाजपा एंटी इनकंबेंसी भी झेल रही है। लेकिन आरएसएस की यहां गहरी पैठ है और इसी ने भाजपा को आश्वस्त कर रखा है। वह मानकर चल रही है कि आंकड़ों में बड़ा फेरबदल नहीं होगा।
उधर, कांग्रेस की ओर से मालवा-निमाड़ अंचल में किस्मत आजमा रहे दिग्गजों में चार पूर्व मंत्री-सुभाष कुमार सोजतिया (66), नरेंद्र नाहटा (72), हुकुमसिंह कराड़ा (62) और बाला बच्चन (54) शामिल हैं। इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे दो अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता-विजयलक्ष्मी साधौ (58) और सज्जन सिंह वर्मा (66) गुजरे बरसों के दौरान अपने अलग-अलग कार्यकालों में सांसद और प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
कांग्रेस के दिग्गज
सुभाष कुमार सोजतिया
नरेंद्र नाहटा
हुकुमसिंह कराड़ा
बाला बच्चन
विजयलक्ष्मी साधौ
सज्जनसिंह वर्मा
बहरहाल, मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। 28 नवंबर को प्रदेश की जनता ने रिकॉर्डतोड़ मतदान किया। 2013 में 72 फीसदी मतदान के मुकाबले इस बार करीब 75 फीसदी मतदान हुआ है। ज्यादा मतदान का फायदा किसे होगा, ये 11 दिसंबर को साफ होगा। अक्सर प्रचंड मतदान सत्ता परिवर्तन का संकेत भी होता है। तो देखना है कि इस बार क्या जनादेश आया है।