इंदौर 1 - भाजपा ने यहां के वर्तमान विधायक सुदर्शन गुप्ता को फिर मौका दिया। उनका मुकाबला कांग्रेस के संजय शुक्ला से हुआ। यहां भी दोनों प्रत्याशियों के बीच आमने-सामने का मुकाबला रहा।
इंदौर 3 - भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश यहां से पहली बार चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश जोशी के भतीजे अश्विन जोशी से है। दोनों ही यहां पूरी ताकत लगा रहे हैं। यह सीट पर प्रदेश भर में चर्चा में है।
इंदौर 5 - यहां से भाजपा से वर्तमान विधायक महेंद्र हार्डिया और कांग्रेस के सत्यनाराण पटेल के बीच कांटे का मुकाबला है।
मैहर - भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी का मुकाबला कांग्रेस के श्रीकांत चतुर्वेदी से है। बसपा और सपा के प्रत्याशी भी दोनों दलों के नेताओं के लिए चुनौती बने हुए हैं।
छतरपुर - इस सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे सत्यव्रत चतुर्वेदी के भाई आलोक चतुर्वेदी और भाजपा की अर्चना सिंह का मुकाबला रहा। भाजपा में मंत्री ललिता यादव ने यहां से अपनी सीट बदली थी।
वारासिवनी - कांग्रेस ने इस सीट से मुख्यमंत्री के साले संजय मसानी को मैदान में उतारा। भाजपा से योगेंद्र निर्मल चुनाव लड़ रहे हैं। वे यहां से विधायक भी हैं। मसानी के चुनाव लड़ने के कारण यह सीट चर्चा में है।
कालापीपल - कांग्रेस ने यहां से युवा कांग्रेस के कुणाल चाैधरी पर भरोसा जताया। भाजपा से बाबूलाल वर्मा प्रत्याशी थे। यहां भी दाेनों दलों के प्रत्याशियों के बीच रोचक मुकाबला है।
मुरैना - भाजपा के वरिष्ठ नेता रुस्तम सिंह का मुकाबला कांग्रेस के रघुराज सिंह कसाना और बसपा के बलवीर सिंह दंडोतिया से है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने से सीट चर्चा में है।
राजनगर - यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे नितिन चतुर्वेदी के सपा से चुनाव लड़ने की वजह से चर्चा में है। यहां से भाजपा के प्रत्याशी अरविंद पटेरिया और कांग्रेस से विक्रम सिंह नातीराजा हैं। वे यहां से विधायक भी हैं।
घटि्टया - यहां से भाजपा ने कांग्रेस के नेता रहे प्रेमचंद गुड्डू के बेटे अजीत बौरासी को टिकट दिया। कांग्रेस से रामलाल मालवीय मैदान हैं। भाजपा के वर्तमान विधायक का टिकट कटने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही। इस वजह से यह सीट भी उलझी हुई है।
नागौद - भाजपा ने यहां से नागेंद्र सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। जातिगत समीकरण की वजह से यहां दोनों में कांटे की टक्कर रही।
दमोह - वित्त मंत्री जयंत मलैया की टक्कर कांग्रेस के राहुल सिंह लोधी से है। लेकिन उनके लिए भाजपा से ही बागी हुए रामकृष्ण कुसमरिया बड़ी चुनौती थे। इस वजह से शुरू से यह सीट चर्चा का विषय रही।
रैगांव - पिछले चुनाव में इस सीट पर बसपा की ऊषा चौधरी ने भाजपा के पुष्पराज बागरी को 4109 मतों से हराया था। चौधरी इस बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ीं। उनका मुकाबला भाजपा के पूर्व मंत्री जुगलकिशोर बागरी और कांग्रेस की कल्पना वर्मा से था। यहां त्रिकोणीय मुकाबला है।
मनगवां - इस सीट से बसपा की वर्तमान विधायक शीला त्यागी मैदान में हैं। इस बार भाजपा ने यहां अपना प्रत्याशी बदला है। उनका मुकाबला भाजपा के पंचूलाल प्रजापति और कांग्रेस की बबीता साकेत से था।
अंबाह - बसपा ने वर्तमान विधायक सत्यप्रकाश का मुकाबला भाजपा के गब्बर सिंह और कांग्रेस के कमलेश जाटव से रहा। यह सीट भी रोचक मुकाबले में फंसी है।
जबलपुर पूर्व - यहां से भाजपा ने अंचल सोनकर पर पुन: विश्वास जताया। उनका मुकाबला लखन घनघोरिया रहा। इस सीट पर भी पेंच फंसा हुआ है।
जबलपुर पश्चिम - भाजपा के पूर्व विधायक हरेंद्रजीत सिंह बब्बू की सीधी टक्कर कांग्रेस के वर्तमान विधायक तरूण भनोत से है। पिछले चुनाव में बब्बू 923 वोटों से हारे थे।
जबलपुर उत्तर - भाजपा ने शरद जैन को यहां से फिर टिकट दिया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के विनय सक्सेना से है। लेकिन जैन के सामने युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा से बागी हुए धीरज पटैरिया निर्दलीय खड़े हो गए जो जैन के लिए बड़ी चुनौती हैं।
बालाघाट - यहां भाजपा के गौरीशंकर बिसेन का मुकाबला कांग्रेस विश्वेश्वर भगत से है। वहीं, सपा से अनुभा मुंजारे मैदान में हैं जो पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहीं थी। यह सीट त्रिकोणीय मुकाबले की वजह से चर्चा में है।
ग्वालियर - भाजपा सरकार में मंत्री जयभान सिंह पवैया का मुकाबला कांग्रेस के प्रद्युम्न सिंह तोमर से है। यह सीट भी सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र है।
ग्वालियर दक्षिण - यहां से भाजपा से बागी हुई पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता पार्टी के प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के लिए बड़ी चुनाैती बनीं। समीक्षा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। कांग्रेस से प्रवीण पाठक मैदान में रहे।
सीहोर - पिछले चुनाव में निर्दलीय खड़े हुए सुदेश राय को भाजपा ने यहां से टिकट दिया। इस बार यहां से भाजपा के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना की पत्नी ऊषा सक्सेना निर्दलीय चुनाव लड़ी। कांग्रेस से सुरेंद्र सिंह ठाकुर मैदान में थे। इस वजह से यह सीट चर्चा का केंद्र है।
निवाड़ी - यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने से सीट फंस गई है। भाजपा ने यहां से अनिल जैन, कांग्रेस ने सुरेंद्र सिंह यादव और सपा ने मीरा यादव को मैदान में उतारा।
जौरा: यहाँ पर मुख्य मुकाबला भाजपा के सूबेदार सिंह और बनवारीलाल शर्मा के बीच है।
सुमावली: यहां भाजपा के अजब सिंह को कांग्रेस के ऐदल सिंह कसाना से कांटे की टक्कर मिल रही है। यहां के परिणाम पर पूरे प्रदेश की नजरें लगी हुई है।
करेरा: यहां मुख्य मुकाबला भाजपा के राजकुमार खटिक और कांग्रेस के जसवंत जाटव के बीच है।
पोहरी: भाजपा के प्रहलाद भारती और कांग्रेस के सुरेश रथखेड़ा के बीच यहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। परिणामों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
अशोकनगर: भाजपा ने वर्तमान विधायक गोपीलाल जाटव का टिकट काटकर पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी को टिकट दिया है। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों से भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस के जयपाल सिंह इस बार कड़ा मुकाबला देते दिख रहे हैं।