मध्यप्रदेश चुनावों पर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में राजनीति के दिग्गज जुटे। प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला ने अपने सहयोगी डीएनएन के साथ इस बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन किया। इस मंच पर मध्यप्रदेश की हर सियासी हलचल और मुद्दों पर बहस हुई और सवाल जवाब का दौर चला। इसी मंच पर प्रभात झा से बातचीत पढ़ें-
सवाल- 15 साल से भाजपा की सरकार है। इस बार कांटे की टक्कर है। इस बार भ्रम की स्थिति क्यों है।
जवाब- भ्रम उनको है, जो गांव नहीं जाते। जिनको सत्ता की भूख है। ऐसा कथित कांग्रेसियों को भ्रम है। भाजपा ने सामाजिक रिश्तों से सरकार बनाई है। यहां बच्ची मामा का नाम पूछने पर शिवराज सिंह का नाम बताती है। भाजपा का सामाजिक सरोकार से रिश्ता है। मप्र सरकार सभी कार्यों में खरी उतर रही है।
सवाल- इसलिए पुलिस जिसे पकड़ती है, तो वह कहता है कि मुख्यमंत्री उनका साला है।
जवाब- अगर कोई व्यक्ति ऐसा कहता है, तो उसमें शिवराज या भाजपा की क्या गलती है। भाजपा जनता के दया पर सत्ता पर आई है। वह किसी पर आश्रित नही है।
सवाल- शिवराज को घोषणा मंत्री क्यों कहा जाता है। 25 हजार घोषणाएं की। ऐसा आरोप है।
जवाब- ये कांग्रेस की भाषा है। शिवराज ने जो कहा वह किया। उन्होंने घोषणाएं ही नहीं काम करके भी बताया है। बीमारू मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाया है। आप 250 घोषणाओं को गिना दें।
सवाल- आप विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन अब इमोशनल कार्ड पर क्यों आ गए।
जवाब- मां हर व्यक्ति के लिए पूजनीय होती है। जिसके मां-बाप को कोई जानता नहीं है। वह पीएम है। जिसके मां-बाप को हर कोई जानता है उसे जनता बाहर कर देती है। नीच, मौत का सौदागर जैसे अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल करना खतरनाक है और गलत भी।
सवाल- आप मप्र से बाहर चले गए थे। अब फिर से माफी मांगकर मध्य प्रदेश में नई पारी खेल रहे हैं।
जवाब- मैं आपातकाल से मध्य प्रदेश आया हूं। मैंने विभिन्न राजनैतिक पारियां खेली हैं। माफी का कोई सवाल ही नहीं। आप कांग्रेस की झूठी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। हम फौलादी लोग हैं।
सवाल- मप्र में शिवराज की जगह आपको मुख्यमंत्री बनाने की बात हो रही थी।
जवाब- हमारे यहां स्पष्ट नेतृत्व है। हमारा नेता एक ही होता है। मेरे यहां 13 साल से एक मुख्यमंत्री, एक नेता, वह हैं शिवराज।