मध्यप्रदेश चुनाव को लेकर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में दिग्गज नेता जुटे। पहले सत्र में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा पहुंचे और अपनी बात रखी। दूसरे संत्र में मेहमान थीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी। इस दौरान उनसे सवाल-जवाब का क्या दौर चला पढ़ें।
सवाल- कब तक जनता को बुनियादी मुद्दों की बजाय भावुक मुद्दों की ओर लेकर जाएंगे। पार्टियों से काम का हिसाब किस तरह लिया जाएगा। विकास के मुद्दे पर बात नहीं होती। कांग्रेस में नेतृत्व पर कंप्यूजन क्यों है, कमलनाथ जी को आगे करें कि सिंधिया जी को, कब तक चलेगा ऐसा?
जवाब- सवाल- आखिर हम कब तक बुनियादी समस्याओं की बात न करके भावुक मुद्दों पर बात करके वोट लेते रहेंगे। कांग्रेस में कमलनाथ और सिंधिया किसको कमान देंगे। कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर कन्फ्यूजन क्यों है।
जवाब- कन्फ्यूजन क्या होता है। ध्रुवीकरण करना, महिला अपराधी को बचाना, आदिवासियों पर आत्याचार करना, युवा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भाजपा कंफ्यूज है। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि देश के दिल को विकसित बनाना, हमारा एक मात्र लक्ष्य है। लोग कहते हैं कि बारात तो तैयार है, दूल्हा कहां है। हम उनसे कहना चाहते हैं कि हमारी बारात अरेंज मैरिज वाली है। दूल्हा दिल्ली से नहीं बनेगा। लव मैरिज नहीं है।
सवाल- पूर्व सत्र में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बात कही। वह सही है क्या?
जवाब- सही का तो सवाल ही नहीं है। ये तो जुमलेबाजी है। आखिर 15 साल से प्रदेश में किसका कुशासन है, जो सवालों के जवाब नहीं देकर भाग जाते हैं। हम सवालों का जवाब देने वाले हैं।
सवाल- राहुल गांधी कहते हैं कि मैं कन्फ्यूज हो गया था, इसलिए छत्तीसगढ़ की जगह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम कह दिया था।
जवाब- जहां पूरी सरकार ही स्कैम में लिप्त हो। हर जगह भ्रष्टाचार हो, तो कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। इनके लोगों ने पनामा पेपर पर नाम आने में रात में कोर्ट खुलवाया। एमपी में व्यापम, रेत खनन, सिंचाई घोटाला, डंपर घोटाला जैसे भ्रष्टाचार पर ये लोग क्यों नहीं बोलते?
सवाल- इतने आरोप कांग्रेस सिर्फ चुनाव के दौरान ही क्यों लगाती है?
जवाब- चुनाव के वक्त हम आंदोलन के माध्यम से मुद्दों को उठाते हैं। सदन के अंदर जो सवाल उठाए जाते हैं। वह चुनाव के समय जनता के सामने रखते हैं। ऐसा नहीं है कि ये मुद्दे सिर्फ चुनाव के दौरान ही उठाए जाते हैं। हम समय-समय पर ऐसे मुद्दे उठाते रहते हैं। भाजपा का 15 साल का दृष्टि पत्र धोखा है। हम अपने कर्तव्य और दायित्व को निभा रहे हैं।
सवाल- माफ करो महराज, पर आपको गुस्सा क्यों आता है।
जवाब- शिवराज राज्य नहीं यहां भ्रष्टाचार राज्य है। जिस राज्य में कुपोषण, रेत चोर, भ्रष्टाचार का राज रहा हो। वहां लोगों का गुस्सा होना वाजिब है। यहां साढ़े सात करोड़ जनता, महिला, युवा, किसान के आक्रोश के कारण अब गुस्सा आता है।