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कांग्रेस की बारात अरेंज मैरिज वाली है, दूल्हा दिल्ली से नहीं बनेगा: प्रियंका चतुर्वेदी 

Sun, 25 Nov 2018 07:30 PM IST
नमित शुक्ला, अमर उजाला
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अमर उजाला संवाद
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मध्यप्रदेश चुनाव को लेकर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में दिग्गज नेता जुटे। पहले सत्र में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा पहुंचे और अपनी बात रखी। दूसरे संत्र में मेहमान थीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी। इस दौरान उनसे सवाल-जवाब का क्या दौर चला पढ़ें। 
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सवाल- कब तक जनता को बुनियादी मुद्दों की बजाय भावुक मुद्दों की ओर लेकर जाएंगे। पार्टियों से काम का हिसाब किस तरह लिया जाएगा। विकास के मुद्दे पर बात नहीं होती। कांग्रेस में नेतृत्व पर कंप्यूजन क्यों है, कमलनाथ जी को आगे करें कि सिंधिया जी को, कब तक चलेगा ऐसा? 
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जवाब- सवाल- आखिर हम कब तक बुनियादी समस्याओं की बात न करके भावुक मुद्दों पर बात करके वोट लेते रहेंगे। कांग्रेस में कमलनाथ और सिंधिया किसको कमान देंगे। कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर कन्फ्यूजन क्यों है।
जवाब- कन्फ्यूजन क्या होता है। ध्रुवीकरण करना, महिला अपराधी को बचाना, आदिवासियों पर आत्याचार करना, युवा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भाजपा कंफ्यूज है। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि देश के दिल को विकसित बनाना, हमारा एक मात्र लक्ष्य है। लोग कहते हैं कि बारात तो तैयार है, दूल्हा कहां है। हम उनसे कहना चाहते हैं कि हमारी बारात अरेंज मैरिज वाली है। दूल्हा दिल्ली से नहीं बनेगा। लव मैरिज नहीं है। 

सवाल- पूर्व सत्र में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बात कही। वह सही है क्या?
जवाब- सही का तो सवाल ही नहीं है। ये तो जुमलेबाजी है। आखिर 15 साल से प्रदेश में किसका कुशासन है, जो सवालों के जवाब नहीं देकर भाग जाते हैं। हम सवालों का जवाब देने वाले हैं।

सवाल- राहुल गांधी कहते हैं कि मैं कन्फ्यूज हो गया था, इसलिए छत्तीसगढ़ की जगह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम कह दिया था।
जवाब- जहां पूरी सरकार ही स्कैम में लिप्त हो। हर जगह भ्रष्टाचार हो, तो कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। इनके लोगों ने पनामा पेपर पर नाम आने में रात में कोर्ट खुलवाया। एमपी में व्यापम, रेत खनन, सिंचाई घोटाला, डंपर घोटाला जैसे भ्रष्टाचार पर ये लोग क्यों नहीं बोलते?

सवाल- इतने आरोप कांग्रेस सिर्फ चुनाव के दौरान ही क्यों लगाती है?
जवाब- चुनाव के वक्त हम आंदोलन के माध्यम से मुद्दों को उठाते हैं। सदन के अंदर जो सवाल उठाए जाते हैं। वह चुनाव के समय जनता के सामने रखते हैं। ऐसा नहीं है कि ये मुद्दे सिर्फ चुनाव के दौरान ही उठाए जाते हैं। हम समय-समय पर ऐसे मुद्दे उठाते रहते हैं। भाजपा का 15 साल का दृष्टि पत्र धोखा है। हम अपने कर्तव्य और दायित्व को निभा रहे हैं। 

सवाल- माफ करो महराज, पर आपको गुस्सा क्यों आता है।
जवाब- शिवराज राज्य नहीं यहां भ्रष्टाचार राज्य है। जिस राज्य में कुपोषण, रेत चोर, भ्रष्टाचार का राज रहा हो। वहां लोगों का गुस्सा होना वाजिब है। यहां साढ़े सात करोड़ जनता, महिला, युवा, किसान के आक्रोश के कारण अब गुस्सा आता है।

 
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नागपुर से बिना अनुमति के अध्यक्ष चुनकर बताए भाजपा

सवाल- जो पार्टी वंशवाद की राजनीति करती है। वह क्या बदलाव लाएगी।
जवाब- जिस पार्टी को 65 साल का जनता का प्रेम और विश्वास मिला हो। हमारी पार्टी का 135 साल का इतिहास है। भाजपा को चुनौती है कि वे अपना संविधान बदलकर दिखाए। नागपुर से बिना अनुमति के अध्यक्ष चुनकर बताएं।

सवाल- नरसिंह्म राव, सीताराम केसरी, सरदार पटेल जैसे कांग्रेसी नेताओं का याद क्यों नहीं करते।
जवाब- सरदार पटेल और अन्य हमारे नेताओं के नाम पर भाजपा केवल राजनैतिक रोटियां सेंकती है। 

सवाल- आप काफी दिनों से मप्र में हैं। चुनाव को लेकर  क्या महसूस कर रहीं हैं।
जवाब- हम ओवर कांफीडेंस में नहीं रहते हैं। 200 पार जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हम सच्चाई के दिन लगाएंगे। अच्छा शासन और प्रशासन लाएंगे। इसकी बात करते हैं। मप्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है।

सवाल- कांग्रेस बताएं मंदिर कब बनेगा।
जवाब- इस मसले पर प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट बात नहीं रखते हुए भाजपा पर आरोप लगाए।   

सवाल- केंद्र में भी अरेंज मैरिज करेंगे या राहुल को दूल्हा बनाएंगे।
जवाब- केंद्र में स्पष्ट रूप से हमारा नेता राहुल गांधी हैं।

सवाल- महिला सुरक्षा की बात करती हैं। युवा अध्यक्ष फिरोज खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप है।
जवाब- मैं भाजपा को चुनौती देती हूं। मप्र से राज्यसभा के सांसद हैं। वह मीटू के केस में फंसते हैं। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उत्तर प्रदेश में एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने वाला एमएलए पर क्या कार्रवाई हुई।

सवाल- मानसिक स्वास्थ्य  को लेकर स्पष्ट योजना क्यों नहीं बनाई जाती।
जवाब- मैंने पार्टी के समक्ष मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी बात रखी है। मेरा एनजीओ भी उस पर काम कर रहा है। 

सवाल- भाजपा समेत अन्य पार्टी पर आरोप लगाती हैं कि वे आस्था की राजनीति करती हैं।
जवाब- हम आस्था की राजनीति नहीं बल्कि जनता की आवाज और मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। प्रजातंत्र पर विश्वास और आस्था रखते हैं।

सवाल- कमलनाथ का वीडियो वायरल होता है। जिसमें महिला को सजावटी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना है।
जवाब- ऐसा कुछ नहीं था। उनकी बात को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा था कि हम राजनीति में सक्रिय महिलाओं को आगे लाएंगे।

सवाल- मप्र में सिंधिया या कमलनाथ
जवाब- आखिरकार कांग्रेस सरकार।

रोम और राम के मामले पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सोनिया गांधी भले ही रोम से आए हों। उन्होंने कुंभ में स्नान किया था। उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए थे। हाथ में रक्षासूत्र बांधती हैं और उन्होंने अंतिम सांस तक भारत में रहने का वचन लिया है। 
 
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