भाजपा की तीन दर्जन परंपरागत सीटों पर वंशवाद के चलते कई उम्मीदवारों को टिकट बंटे। पार्टी ने राजधानी की गोविंदपुरा सीट से 10 बार विधायक बने और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया है। इस सीट पर टिकट को लेकर बाबूलाल गौर और पार्टी के बीच काफी मतभेद रहे थे।
भाजपा में वंशवाद के कुछ नमूने
| विधानसभा सीट |
उम्मीदवार |
रिश्ता |
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जावद
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ओम प्रकाश सकलेचा |
पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के बेटे
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| छतरपुर |
अर्चना सिंह |
भाजपा नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी |
| धार |
नीना वर्मा |
पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा के पत्नी |
| सिरोंज |
उमाकांत शर्मा |
पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई |
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भोजपुर
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सुरेंद्र पटवा |
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे |
| नेपानगर |
मंजू दादू |
पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी |
शिवपुरी |
यशोधरा राजे सिंधिया |
राजमाता सिंधिया की बेटी |
| जावरा |
डॉ. राजेंद्र पांडे |
पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण पांडे के बेटे |
| इंदौर-4 |
मालिनी गौड़ |
पूर्व मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के पत्नी
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| हाटपिपल्या |
दीपक जोशी |
पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे |
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रामपुर बघेलान
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विक्रम सिंह |
मंत्री हर्षसिंह के बेटे |
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बांधवगढ़
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शिवनारायण सिंह |
पूर्वमंत्री और सांसद ज्ञानसिंह के बेटे |
| बहोरीबंद |
प्रणय पांडे |
पूर्व विधायक प्रभात पांडे के बेटे |
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जबलपुर कैंट
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अशोक रोहाणी |
पूर्व विस अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के बेटे |
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नरसिंहपुर
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जालमसिंह पटेल |
सांसद प्रहलाद पटेल के भाई |
| बैतूल |
हेमंत खंडेलवाल |
पूर्व सांसद विजय खंडेलवाल के बेटे |
| देवास |
गायत्री पंवार |
पूर्व मंत्री तुकोजीराव की पत्नी |
| सारंगपुर |
कुंवर कोठार |
पूर्व विधायक अमरसिंह कोठार के बेटे |
| खंडवा |
देवेंद्र वर्मा |
पूर्व मंत्री किशोरीलाल वर्मा के बेटे |
| मंदसौर |
यशपाल सिंह सिसोदिया |
विधायक किशोर सिंह सिसौदिया के बेटे |