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मध्यप्रदेश चुनाव: आरोपों के लिए वंशवाद की खूब दुहाई, लेकिन हकीकत कुछ और है

Fri, 16 Nov 2018 07:39 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाजपा-कांग्रेस
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भाजपा और कांग्रेस दोनो ही वंशवाद को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से नही चूकतीं। लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है तो दोनो ही दल नेताओं के परिजनों को टिकट देने से परहेज नहीं करते। तब विचारधारा, राजनीति की भेंट चढ़ जाती है। 

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 मे भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। प्रदेश मे दर्जनों  नेताओं के परिजनों को टिकट मिला है। ये चलन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही तरफ है। 

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के परिवार से इस बार तीन सदस्य चुनावी मैदान में हैं। उनके बेटे जयवर्द्धन सिंह राघौगढ़ और छोटे भाई लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा से कांग्रेस  प्रत्याशी बनाए गए है। प्रियवृत सिंह खिलचीपुर से प्रत्याशी हैं। पार्टी के कद्दावर नेता कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को झाबुआ सीट से काग्रेस ने टिकट दिया है।
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कांग्रेस में वंशवाद के उदाहरण
 
विधानसभा सीट  उम्मीदवार रिश्ता

कसरावद

सचिन यादव पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के भाई
बुदनी अरुण यादव पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे
सबलगढ़ सरला रावत विधायक मेहरबान सिंह रावत की बहू
सिंहावल कमलेश्वर पटेल पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल के बेटे
चुरहट अजय सिंह पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे
बैतूल निलय डागा पूर्व विधायक विनोद डागा के बेटे
जावरा केके सिंह  पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई
कुक्षी सुरेंद्र सिंह बघेल पूर्व मंत्री प्रताप सिंह बघेल के बेटे
लांजी हिना कांवरे पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की बेटी
इंदौर-3 अश्विन जोशी पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे
गंधवानी उमंग सिंघार पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी के भतीजे
अटेर हेमंत कटारे पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के बेटे
बदनावर राजवर्द्धन सिंह दत्तीगांव पूर्व विधायक प्रेमसिंह दत्तीगांव के बेटे


 

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भाजपा मे वंशवाद

भाजपा

भाजपा की तीन दर्जन परंपरागत सीटों पर वंशवाद के चलते कई उम्मीदवारों को टिकट बंटे। पार्टी ने राजधानी की गोविंदपुरा सीट से 10 बार विधायक बने और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया है। इस सीट पर टिकट को लेकर बाबूलाल गौर और पार्टी के बीच काफी मतभेद रहे थे।

भाजपा में वंशवाद के कुछ नमूने

विधानसभा सीट उम्मीदवार रिश्ता

जावद

ओम प्रकाश सकलेचा पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के बेटे

 
छतरपुर अर्चना सिंह भाजपा नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी
धार नीना वर्मा पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा के पत्नी
सिरोंज उमाकांत शर्मा पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई

भोजपुर

सुरेंद्र पटवा पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे
नेपानगर मंजू दादू पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी

शिवपुरी
यशोधरा राजे सिंधिया राजमाता सिंधिया की बेटी
जावरा डॉ. राजेंद्र पांडे पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण पांडे के बेटे
इंदौर-4 मालिनी गौड़

पूर्व मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के पत्नी

हाटपिपल्या दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे

रामपुर बघेलान

विक्रम सिंह मंत्री हर्षसिंह के बेटे

बांधवगढ़

शिवनारायण सिंह पूर्वमंत्री और सांसद ज्ञानसिंह के बेटे
बहोरीबंद प्रणय पांडे पूर्व विधायक प्रभात पांडे के बेटे

जबलपुर कैंट

अशोक रोहाणी पूर्व विस अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के बेटे

नरसिंहपुर

जालमसिंह पटेल सांसद प्रहलाद पटेल के भाई
बैतूल हेमंत खंडेलवाल पूर्व सांसद विजय खंडेलवाल के बेटे
देवास गायत्री पंवार पूर्व मंत्री तुकोजीराव की पत्नी
सारंगपुर कुंवर कोठार पूर्व विधायक अमरसिंह कोठार के बेटे
खंडवा देवेंद्र वर्मा पूर्व मंत्री किशोरीलाल वर्मा के बेटे
मंदसौर यशपाल सिंह सिसोदिया विधायक किशोर सिंह सिसौदिया के बेटे
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