सड़क सुरक्षा नीति की यदि बात करें तो नैतिक रूप से शराब दुकानों के लाइसेंस हाइवे से 100 मीटर दूर ही देने का प्रावधान है। जहां सौ मीटर के दायरे में शराब दुकानें हैं, उन्हें हटाने का प्रावधान है। वहीं, हाइवे के आसपास कितना स्थान खाली रखा जाए, ये लोक निर्माण विभाग तय करता है।
वाणिज्यिक या आवासीय गतिविधियां कहां से शुरू होंगी, यह भी नए सिरे से निर्धारित करना रहता है। इन सभी नियमों के उपरांत भी रायसेन जिला आबकारी अधिकारी वंदना पांडे ने सागर जाने वाले मुख्य मार्ग पर ही शराब दुकान खोलने की अनुमति दे दी।
वहीं, दूसरी ओर जिस भवन में सोम कंपनी की यह शराब की दुकान संचालित है, वह भवन पीएम आवास योजना के अंतर्गत बना है। यह दुकान ग्राम पंचायत पठारी में आती है। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस प्रकार नियमों को ताक में रखकर मुख्य मार्ग पर वह भी एक प्रधानमंत्री आवास में ही शराब दुकान का संचालन करना क्या आबकारी विभाग को शोभा देता है? सुदीप तोमर, ADO आबकारी रायसेन का कहना है न्यूज़ के माध्यम से जानकारी मिली है। हम लाइसेंसी ठेकेदार को नोटिस जारी कर रहे हैं और निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।