प्रेमानंदजी महाराज के दर्शन करने के लिए घर से निकला 24 वर्षीय युवक अचानक लापता हो गया। परिजन उसकी तलाश में परेशान थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इस बीच युवक के जम्मू-कश्मीर के सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में मिलने की सूचना ने परिवार को राहत दी। खरगोन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब 1600 किलोमीटर की दूरी तय की और युवक को सकुशल वापस लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में जम्मू के समाजसेवी जितेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने युवक को सुरक्षित अपने पास रखा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के अनुसार 1 सितंबर 2026 को युवक घर से कहीं चला गया था। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 6 सितंबर को थाना कोतवाली खरगोन में सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी निरीक्षक बनवारीलाल मंडलोई के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर युवक की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने खरगोन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में युवक के खंडवा की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम खंडवा पहुंची और वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इस दौरान युवक के ट्रेन से मथुरा-वृंदावन की ओर जाने की संभावना सामने आई। पुलिस लगातार उसकी जानकारी जुटाने में लगी रही।
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समाजसेवी की सूचना से मिला सुराग
जांच के दौरान जम्मू के समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने स्थानीय पुलिस के माध्यम से युवक के पिता से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि युवक जम्मू के सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में मिला है और वह उनके पास सुरक्षित है। जितेंद्र सिंह ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए युवक को अपने घर पर रखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद खरगोन पुलिस ने जितेंद्र सिंह और जम्मू पुलिस से समन्वय कर युवक की पहचान की पुष्टि की।
1600 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंची टीम
युवक के जम्मू में होने की पुष्टि के बाद खरगोन पुलिस की टीम वहां पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को सुरक्षित खरगोन लाया गया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। युवक के परिवार में राहत का माहौल है।