खरगोन के महेश्वर के नर्मदा घाट पर मौजूद भक्त
- फोटो : नरेंद्र चौधरी
महेश्वर में महाशिवरात्रि का पर्व धार्मिक, श्रद्धा, आस्था, विश्वास के साथ मनाया गया। अलसुबह 5 बजे से नर्मदा तट पर स्नान के लिए भक्तों का आना प्रारंभ हो गया था। नर्मदा जी के डेढ़ किलोमीटर लंबे 28 घाटों पर करीब दो लाख से ज्यादा लोगों ने नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने आराध्य देव काशी विश्वनाथ, राजराजेश्वर मंदिर शिवालयों में आराधना की।
महिलाओं ने देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना कर अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की, वहीं कुंवारी कन्याओं ने भी शिव की आराधना कर मनपसंद वर प्राप्त होने का वरदान मांगा। वहीं तिल बाणेश्वर, काशि विश्वनाथ मंदिर, राज राजेश्वर मंदिर, बाणेश्वर मंदिर, कालेश्वर जालेश्वर मंदिर, वृद्ध कालेश्वर में श्रृदालुओं ने जल चढाकर विशेष पूजा-अर्चना की। मनोकामनेश्वर मंदिर मे भी विशेष शृंगार के साथ रात्रि में तीन महाआरती हुई। राजराजेश्वर तथा बाणेश्वर व सिद्धनाथ व मातोश्वर मंदिर पर रात्रि में अभिषेक किया गया।
नगर के प्रमुख मार्गों पर लोगों का जनसमुह देखा गया। वहीं किला घाट पर भी जनता का बडा जनसमुह देखने को मिला। नगर के प्रमुख मार्ग धामनोद-बड़वाह मार्ग पर रास्ते भर जाम की स्थिति नजर आई। वहीं यातायात पुलिसकर्मी सहित एनसीसी, कोटवार, स्काउट छात्र छात्राएं, नगर परिषद कर्मचारी, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य सहित विद्यार्थी भी ट्रैफिक को संभालते नजर आए।