फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरगोन उपद्रव: शीतलामाता मंदिर पर पथराव मामले में 13 लोगों को 2 लाख तक क्षतिपूर्ति के आदेश, ट्रिब्यूनल का फैसला

Tue, 27 Dec 2022 08:35 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

सार

खरगोन शहर में 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के दिन जुलूस पर हुए पथराव और आगजनी की घटना हुई थी। शहरवासियों को 25 दिन का कर्फ्यू झेलना पड़ा था। अब ट्रिब्यूनल ने दंगे के दौरान शीतलामाता मंदिर पर पथराव करने के मामले में 13 लोगों को 2 लाख तक क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। 
विज्ञापन
खरगोन में रामनवमी पर उपद्वव हुआ था। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में रामनवमी के वक्त हुए उपद्रव संबंधित मामले में क्लेम ट्रिब्यूनल ने आदेश सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने दंगे के दौरान शीतलामाता मंदिर पर पथराव करने के मामले में 13 लोगों को 2 लाख तक क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। बता दें कि ट्रिब्यूनल ने 343 में से केवल ऐसे 34 प्रकरण मान्य किए हैं, जिनमें आरोपी ज्ञात हैं।
विज्ञापन


बता दें कि खरगोन शहर में 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के दिन जुलूस पर हुए पथराव और आगजनी की घटना हुई थी। शहरवासियों को 25 दिन का कर्फ्यू झेलना पड़ा था। हिंसा पीड़ित लोगों को त्वरित न्याय देने के लिए गठित क्लेम ट्रिब्यूनल के पास कुल 343 आवेदन पहुंचे थे, लेकिन ट्रिब्यूनल ने 343 में से केवल ऐसे 34 प्रकरण मान्य किए, जिनमें आरोपी ज्ञात हैं। ताजा सुनवाई के तहत ट्रिब्यूनल ने शीतला माता मंदिर पर पथराव करने वाले नामजद 13 लोगों से 2 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के आदेश दिए हैं। आठ अन्य पीड़ितों को भी न्याय देते हुए हिंसा में शामिल लोगों से क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने के आदेश दिए हैं। क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा खरगोन के आनंद नगर में निवास करने वाली सूरज बाई गांगले को अधिकतम दो लाख 91 हजार 500 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश जारी किए हैं। जो हिंसा में शामिल 8 लोगों से वसूली की जाएगी। 

गौरतलब है कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. शिवकुमार मिश्रा की अध्यक्षता और मप्र सरकार के सेवानिवृत्त सचिव को दावा अभिकरण का सदस्य नियुक्त करते हुए गठित क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा अब तक 20 फैसले सुनाए जा चुके हैं। अब क्लेम ट्रिब्यूनल के पास 11 प्रकरण लंबित हैं जिसमें जनवरी 2023 के अंत तक फैसला सुनाया जा सकता है।
विज्ञापन


आदेश पर खरगोन कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम का कहना है कि जिन प्रकरणों में ट्रिब्यूनल द्वारा आदेश दिया है उनमें तहसीलदार वसूली करेंगे। जबकि कतिपय मामलों में उच्च न्यायालय से स्टे है उन प्रकरणों पर अभी कारवाई नहीं की जाएगी। इस ट्रिब्यूनल को गठित करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि जो असामाजिक तत्वों को सजा तक सीमित नहीं रहे बल्कि उनसे नुकसान की भरपाई भी की जाए। ट्रिब्यूनल द्वारा कम समय में ही निर्णय पारित किया है।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें