ओंकारेश्वर में प्रतिमा निर्माण के काम में तेजी दे दी गई है।
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और नर्मदा की ओर रहेगा मूर्ति का मुख
प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा में यानी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और नर्मदा नदी की ओर रहेगा। प्रसिद्ध चित्रकार वासुदेव कामत ने 11 साल के शंकराचार्य का दुर्लभ चित्र तैयार किया है। प्रधानमंत्री मोदी सितंबर में ही दूसरे चरण में 700 करोड़ रुपये की लागत से बने संग्रहालय, पार्किंग तथा सूचना केंद्र का भूमिपूजन भी करेंगे।
ऐसा होगा 2000 करोड़ रुपये का 'एकात्म धाम'
ओंकार पर्वत को काटकर 28 एकड़ जमीन पर एकात्म धाम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा होगी। 54 फीट का आधार स्तंभ तैयार किया गया है।लगभग दो हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट शेष हिस्सों का काम दिसंबर 2024 तक पूरा होगा। आदि गुरु शंकराचार्य ने भारत की तीन बार परिक्रमा की। उन्होंने दुनिया को अद्वैत वेदांत का सिद्धांत दिया। इस 'एकात्म धाम' में आदि गुरु शंकराचार्य के जीवन दर्शन को बताने वाला संग्रहालय, अद्वैत वेदांत सिद्धांत के अध्ययन के लिए संस्थान भी होगा। आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' नाम दिया गया है। यहां प्रशिक्षण एवं सूचना केंद्र, अभय घाट, संन्यास और गुफा मंदिर सहित 35 हजार पेड़ों का वन विहार भी होगा। अन्नपूर्णा मंदिर, पंचायत मंदिर के साथ ओम स्तंभ, कला, प्रदर्शनी जैसी अद्भुत रचनाओं का विस्तार किया जाएगा।