पुलिस गिरफ्त में आए चंदन तस्कर गिरोह के सदस्य
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मध्यप्रदेश के खंडवा की कोतवाली पुलिस ने चंदन के पेड़ों की चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के ये सदस्य ऑनलाइन ही गूगल मैप की मदद से बड़े बंगलों की लोकेशन सर्च करते, फिर वहां दिख रही हरियाली के बीच चंदन के पेड़ की पहचान उसकी पत्तियों से करते थे, जिसके बाद मौके पर जाकर कन्फर्म करते और आधुनिक उपकरण लेकर चंद मिनटों में बारीक ब्लेड से पेड़ की कटाई कर फरार हो जाते थे। हालांकि, कुछ दिन पहले ही इस गिरोह का एक सदस्य पुलिस गिरफ्त में आया था, जिसके बाद अब दो और सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
खंडवा के सिविल लाइन क्षेत्र में बेहद सुरक्षित माने जाने वाले अधिकारियों के बंगलों के बीच बीते 15 फरवरी को प्रधान जिला न्यायाधीश के बंगले के साथ ही जिले के होमगार्ड ऑफिस के कैंपस में चोरी की वारदात हुई थी, जिसमें चोरों ने यहां लगे चंदन के पेड़ काटकर ले गए थे। वारदात के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी थी और अब पुलिस ने औरंगाबाद के अजंता थाना क्षेत्र के घाटम्बरी से दो आरोपी मसीद उर्फ मजीद और नदीम को गिरफ्तार किया है। बता दें कि इससे पहले गैंग के एक अपराधी जावेद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस गैंग के कुछ अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
गूगल मैप से तलाशते थे चंदन के पेड़
इधर, मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी दिलीप सिंह देवड़ा ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले गूगल मैप से बड़े अधिकारियों के बंगलों की लोकेशन सर्च करते थे, और ऑनलाइन ही बैठे-बैठे मैप के दिख रहे पेड़ों के पत्तों में से चंदन का पेड़ पहचान लेते थे। उसके बाद बाइक से आकर इन्होंने वारदात को मात्र आठ मिनट में अंजाम दिया और एक पतली आरी से इन्होंने ये पेड़ काटे थे।
चंदन का तेल है 50 हजार रुपये किलो
बता दें कि बाजार में चंदन की लकड़ी करीब पांच हजार रुपये किलो और चंदन का तेल करीब 50 हजार रुपये किलो बिकता है। यही वजह है कि इनकी नजर चंदन के पेड़ों पर रहती है। वहीं, कोतवाली टीआई देवड़ा ने बताया कि महाराष्ट्र के मालेगांव और अमरावती क्षेत्र में भी इनके खिलाफ इस तरह के मामले दर्ज हैं। खंडवा में अप्रैल 2023 में भी डीजे के बंगले पर चंदन का पेड़ काटने के साथ गार्ड के साथ मारपीट का मामला आया था। तब डकैती का केस दर्ज हुआ था।