जनपद पंचायत पुनासा के अंतर्गत ओंकारेश्वर के समीप ग्राम इनपुन पुनर्वास सेक्टर सी के निवासियों ने घनी आबादी के बीच स्थापित मुर्गी पालन केंद्र को तुरंत हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, विधायक नारायण पटेल, खंडवा जिला कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपनी समस्या की जानकारी दी है।
ग्रामवासियों का कहना है कि मुर्गी पालन केंद्र से निकलने वाली बदबू और गंदगी ने उनके जीवन को कठिन बना दिया है। इस केंद्र के चलते पूरे इलाके में प्रदूषण फैल रहा है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उभर रही हैं। दुर्गंध और गंदगी के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, और श्वास संबंधी रोगों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मुर्गी पालन केंद्र मच्छरों और अन्य हानिकारक कीटाणुओं का प्रजनन स्थल बन गया है, जिससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामवासी लवकुश राठौर ने बताया कि "केंद्र से आने वाली दुर्गंध ने जीवन दूभर कर दिया है। रात को सोना भी मुश्किल हो गया है।" इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से केंद्र को तत्काल हटाने की गुहार लगाई है।
उल्लेखनीय है कि इनपुन पुनर्वास क्षेत्र में ओंकारेश्वर बांध के विस्थापित ग्रामों के लोगों को बसाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्थापन के बाद से ही उन्हें सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। प्रद्युम्न बिर्ला, राहुल पंवार, भगवान परिहार, अरुण जाधव, जगन मोरे, रीना वर्मा और अन्य ग्रामीणों ने एकमत से मांग की है कि मुर्गी पालन केंद्र को तुरंत हटाया जाए और पुनर्वास क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।