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Khandwa: दादाजी धाम पर मुख्यमंत्री का दिखा अलग अंदाज, हाथ में झाड़ू लेकर खुद ही मंदिर परिसर की करने लगे सफाई

Tue, 07 May 2024 06:19 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दादा जी महाराज के प्रति सेवा भाव दिखाते हुए अचानक ही मंदिर परिसर में झाड़ू लेकर सफाई करने लगे। परिसर के एक हिस्से की मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से सफाई की।
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मंदिर परिसर में झाड़ू लगाते सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार को प्रदेश के खंडवा जिले में थे। जहां उन्होंने एक निजी होटल के सभागार में प्रबुद्ध जनों से संवाद किया, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान सभी से मतदान करने की अपील की। वहीं, कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद वे खंडवा के प्रसिद्ध श्री दादाजी धाम मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचकर मुख्यमंत्री का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। दरअसल, मुख्यमंत्री ने यहां स्थित श्री बड़े दादा जी महाराज और श्री छोटे दादा जी महाराज की समाधि पर माथा टेका। साथ ही साथ उनके प्रति सेवा भाव दिखाते हुए मंदिर परिसर में खुद अपने हाथों में झाड़ू लेकर सफाई करते हुए झाड़ू भी लगाई।

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सोमवार देर रात प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव खंडवा के एक निजी होटल में पहुंचे थे। जहां रात्रि विश्राम के बाद सुबह उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद धार में आयोजित पीएम मोदी की सभा के लिए वे रवाना हुए। लेकिन जाने से पहले वह खंडवा के प्रसिद्ध श्री दादाजी धाम मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने मंदिर में स्थित अवधूत संत और भोले का अवतार कहे जाने वाले दादा जी महाराज की समाधि पर मत्था टेका और प्रदेश और देश में बीजेपी की जीत की कामना की। वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री ने दादा जी महाराज के प्रति सेवा भाव दिखाते हुए अचानक ही मंदिर परिसर में झाड़ू लेकर सफाई करने लगे और परिसर के एक हिस्से की मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से सफाई की।

दादाजी महाराज का आशीर्वाद हम सबको मिलेगा
वहीं, मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि हमारे देश की परंपरा है, संतों की परंपरा है कि संत देव समान होते हैं। ऐसे में दादा धूनी वाले जी का यह जो आश्रम और स्थान है, इसके प्रति पूरे प्रदेश के संतों की अत्यंत श्रद्धा जुड़ी हुई है और दादाजी तो अभी संसार में नहीं हैं। लेकिन हम मानकर चल रहे हैं कि उनका आशीर्वाद हम सबके साथ है। उनके साधना स्थल पर उनकी चेतना हम सब के साथ है और वह सब पर कृपा करेंगे और सबके जीवन का सुख मंगल करेंगे। मैं अपने पूर्ण श्रद्धा भाव से नमन करने आया हूं और ऐसी कामना करता हूं कि उनका आशीर्वाद हम सबको मिलेगा।

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