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खंडवा: जमीन के विवाद में शराब में कीटनाशक मिलाकर भाई और चचेरे भाई की जान ली, आरोपी को दोहरी उम्रकैद

Fri, 30 Oct 2026 12:18 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

जमीन के बंटवारे के विवाद में अपने सगे और चचेरे भाई को जहरीली शराब पिलाकर हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने शराब में खरपतवार नष्ट करने वाली दवाएं मिलाई थीं, जिसे पीने से दोनों की मौत हो गई थी।
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जिला एवं सत्र न्यायालय, खंडवा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमीन के बंटवारे के विवाद में अपने सगे और चचेरे भाई की शराब में कीटनाशक मिलाकर हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और रासायनिक परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।

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जमीन के बंटवारे में रची साजिश
यह मामला खंडवा जिले के आनंद नगर क्षेत्र अंतर्गत मालीपुरा का है। आरोपी संदीप पाल पिता बसंत पाल की उम्र 30 वर्ष है। जमीन के बंटवारे से मिलने वाली राशि रवि पाल को मिली थी लेकिन रवि ने संदीप को उसके हिस्से के रुपये नहीं दिए थे। इसी बात से नाराज होकर संदीप पाल ने अपने भाई रवि पाल की हत्या की साजिश रची। इस साजिश के तहत आरोपी ने 6 जनवरी 2024 को जावर स्थित एक कृषि कीटनाशक दुकान से खरपतवार नष्ट करने वाली दो दवाइयां खरीदीं। इसके बाद उसने आनंद नगर की एक शराब दुकान से एमडी रम की बोतल ली और उसमें दोनों कीटनाशक दवाइयां मिला दीं।

जहरीली शराब पिलाकर ली जान
आरोपी संदीप पाल ने अपनी योजना के अनुसार रवि पाल को प्रणाम सिटी चौराहे के पास मेडिकल दुकान के पास से मोटरसाइकिल पर बैठाया और मालीपुरा स्थित अपने घर ले गया। वहां संदीप ने जहरीली शराब की बोतल रवि पाल को दे दी। रवि पाल ने अपने चचेरे भाई प्रदीप पाल के साथ बैठकर वह शराब पी ली। 
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जहरीली शराब पीते ही दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। 10 जनवरी, 2024 को अधिक शराब पीने के कारण तबीयत खराब होने पर प्रदीप पाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं रवि पाल की इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।

एफएसएल जांच से खुला सच
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने प्रदीप पाल के परिजनों और रवि पाल के पिता राजकुमार के कथन दर्ज किए। राजकुमार ने पुलिस के सामने संदेह जताया कि संदीप पाल ने ही रवि पाल को शराब में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी संदीप पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया। 

पुलिस ने दोनों मृतकों के विसरा को सुरक्षित रखकर रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा था। एफएसएल जांच रिपोर्ट में शरीर में जहर होने की पुष्टि हुई। अदालत ने पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी संदीप पाल को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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