मध्यप्रदेश में इन दिनों आदिवासियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ताजा मामला खंडवा जिले के मोरटक्का पुलिस चौकी से सामने आया है। यहां के एक आदिवासी युवक के साथ पुलिसकर्मी ने बेरहमी से मारपीट कर लहूलुहान कर दिया, जिसके बाद उसके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। यही नहीं, युवक का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने के कारण ऐसा किया गया है। हालांकि, पुलिसकर्मी ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को खुद कि छवि धूमिल करने हेतु की गई झूठी शिकायत बताया है। खंडवा एसपी ने प्राथमिक जांच के आधार पर एएसआई अखिलेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है और इस मामले में जांच के आदेश कर दिए हैं।
खंडवा में एक आदिवासी युवक ने अपने साथ पुलिस चौकी में मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित आदिवासी युवक ने खंडवा एसपी से शिकायत की है कि मोरटक्का पुलिस चौकी के कार्यवाहक प्रभारी एएसआई अखिलेश मंडलोई ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है। यहां तक की प्रभारी मंडलोई ने मारते-मारते उसे लहूलुहान तक कर दिया और चौकी में उसके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। युवक ने बताया कि यह सब उसके साथ एएसआई मंडलोई ने रिश्वत न दिए जाने के कारण किया है।
युवक ने खंडवा एसपी को बताया कि बड़ी रकम की उगाही के लिए चौकी प्रभारी द्वारा उसे पीटा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मोरटक्का चौकी क्षेत्र के आदिवासी युवक को उन्होंने कच्ची शराब बेचते हुए दबोचा था। उसके बाद युवक के साथ मारपीट की गई थी। इधर, शिकायत मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडवा एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने युवक की शिकायत के आधार पर तत्काल जांच बिठाई। जांच में दोषी पाए गए मोरटक्का चौकी प्रभारी अखिलेश मंडलोई को सस्पेंड कर दिया है।
इधर, पूरे मामले में मोरटक्का चौकी प्रभारी एएसआई अखिलेश मंडलोई का कहना है कि उनके द्वारा शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी, जिसके चलते उन पर ऐसे आरोप लगे है। मंडलोई का कहना है कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए युवक द्वारा झूठी शिकायत की गई है। हालांकि, इस पूरे मामले में खंडवा पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि बीते दिनों एक आदिवासी युवक ने शिकायत की थी।
युवक ने मांधाता थाना अंतर्गत आने वाले मोरटक्का चौकी प्रभारी अखिलेश मंडलोई पर रिश्वत मांगे जाने और मारपीट के आरोप लगाए थे। प्राथमिक जांच में युवक की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि वाकई उसके साथ मारपीट हुई है। हमने अधीनस्थ अफसरों को जांच के लिए निर्देशित किया है। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। कार्यवाहक एएसआई अखिलेश मंडलोई का कृत्य निंदनीय है। ऐसे में पुलिस की छवि खराब होती है। सोमवार को मंडलोई को सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया।