कोर्ट में पुलिस बल तैनात रहा
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यह है मामला...
फैसले के मुताबिक, 30 जुलाई 2014 को खंडवा के मोघट क्षेत्र के इमलीपुरा क्षेत्र में सुशील कुमार पिता नारायण पुंडगे निवासी नर्मदापुरम की हत्या हो गई थी। इसके बाद पूरे शहर में तनाव हो गया था और कई जगह पथराव होने लगा था। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति में पुलिस ने धारा-144 लगा दी थी। इसी दौरान 1 अगस्त 2014 को घासपुरा क्षेत्र में ड्यूटी लगे पुलिस के कर्मचारियों पर भी हमला कर दिया गया था। उन पर खौलता हुआ गरम पानी फेंक दिया गया था। मोहल्ले के लोगों ने मिलकर पुलिस वालों को बंधक बना लिया था। उन पर जान से मारने की कोशिश की थी।
इस दौरान थाना प्रभारी अनिल शर्मा फोर्स के साथ पहुंच गए। इस दौरान एसआई विजय सिंह परस्ते, टीकाराम कुर्मी, एसआई गीता जाटव भी आए, जिन पर भारी पथराव कर दिया गया। उपद्रवियों में से फारूख पिता रफीक टाउ निवासी बांग्लादेश ने टीआई अनिल शर्मा को जान से मारने की नीयत से एक बड़ा पत्थर फेंक कर मारा, जो उनके हेलमेट पर लगा, जिससे हेलमेट क्षतिग्रस्त हो गया। फारूख पत्थर मारकर वहां से भाग निकला, जिसके बाद आवश्यक बल प्रयोग कर घेराबंदी कर 40 व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।