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खंडवा: लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में जुड़वा बेटों का जन्म, ट्रेन को आपात स्थिति में हरदा में रोका

Wed, 09 Mar 2022 04:31 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में एक महिला ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। दोनों बच्चे एवं प्रसूता स्वस्थ है। उपचार के लिए उसे हरदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। आपात स्थिति को देखते हुए स्टॉपेज नहीं होने के बावजूद ट्रेन हरदा में रोकी गई। कोच में उपस्थित महिलाओं के सहयोग से प्रसव करवाने की तैयारी करवाई।
 
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लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में एक महिला ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एक महिला को ट्रेन में दोहरी खुशी मिली है। महिला ने लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। दोनों बच्चे एवं प्रसूता स्वस्थ है। उपचार के लिए उसे हरदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। आपात स्थिति को देखते हुए स्टॉपेज नहीं होने के बावजूद ट्रेन हरदा में रोकी गई। कोच में उपस्थित महिलाओं के सहयोग से प्रसव करवाने की तैयारी करवाई।
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जानकारी के अनुसार ट्रेन नम्बर 12533 लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन से पूर्णिमा कुमारी झांसी से मुंबई जा रही थीं। पति जितेंद्र कुमार भी साथ थे। बुधवार को कुमार गौरव, प्रधान टिकट परीक्षक ड्यूटी पर थे। इटारसी से गाड़ी चलने के पश्चात वे यात्रियों के टिकट जांच कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि कोच S4 में बर्थ नम्बर 59 पर एक महिला यात्री पूर्णिमा कुमारी को पेट दर्द हो रहा है, वह दर्द से तड़प रही है। वे तुरंत वहां अपने सहकर्मी श्री बिनोद कुमार (SrTE ) के साथ पहुंचे तब पता चला महिला गर्भवती है और प्रसव पीड़ा हो रही है। चूंकि यह ट्रेन इटारसी से चलने के बाद सीधे खंडवा ही रुकती है। कुमार गौरव ने मोबाइल से कमर्शियल कंट्रोल को इसकी जानकारी देते हुए तुरंत डॉक्टर की मांग की। कोच में उपस्थित महिलाओं के सहयोग से प्रसव करवाने की तैयारी करवाई गई। कानपुर से मुंबई की यात्रा कर रही श्रीमती नूरजहाँ (62) ने सफलतापूर्वक प्रसव करवाया और बताया कि जुड़वा लड़कों ने जन्म लिया है।

आपात स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन ने ट्रेन को हरदा स्टेशन पर रोक लिया। जहां पहले से ही डॉक्टर और परिचारकों की टीम एम्बुलेंस के साथ उपस्थित थी। ट्रेन करीब आधे घंटे (10:22-11:08) इस कारण रुकी रही। प्रसूता की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने हॉस्पिटल में भर्ती करने को कहा, जिससे उन्हें उतारकर शासकीय हॉस्पिटल भेजा गया। बच्चे और प्रसूता सुरक्षित बताई जा रही है। पति ने मुश्किल समय में सहयोग के लिए रेल प्रशासन का आभार माना।
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