मध्यप्रदेश के कटनी जिले में इन दिनों मच्छरों का आतंक देखने मिल रहा है, जिसके शिकार हो रहे लोग कई गंभीर बीमारियां से ग्रसित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते कटनी में डेंगू, चिकनगुनिया सहित जापानी इंसेफेलाइटिस के नए मरीज सामने आए हैं, जिनके आंकड़े आपको चौंका देंगे।
कटनी स्वास्थ्य विभाग के ताजे आंकड़ों के मुताबिक, जिले की आठ तहसील में अब तक डेंगू के 64 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, चिकनगुनिया के छह तो वहीं जापानी इंसेफेलाइटिस के दो गंभीर मरीज मिले हैं। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि सबसे ज्यादा मामले कटनी के शहरीय इलाके से निकल कर समाने आए हैं, जिसमें से अकेले कटनी अर्बन इलाके से 50 डेंगू के मामले सामने आए हैं। वहीं, कमजोर स्वास्थ्य सुविधाएं वाले विजयराघवगढ़ और रीठी के दो पेशेंट में जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण मिले थे, जिसके चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करते हुए उनका इलाज जारी रखा हुआ है।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश आठ्या ने बताया कि कटनी में पहले डेंगू, चिकनगुनिया सहित इंसेफेलाइटिस की जांच के लिए 755 लोगों के ब्लैड सैंपल आईसीएमआर लैब भेजा जाता था। लेकिन अब कीट आने के बाद तहसीली और जिला अस्पताल को मिलाकर प्रतिदिन 200 के करीब तीनों बीमारियों की जांच करवाई जाती है। इसमें अब तक डेंगू के 64, चिकनगुनिया के छह तो जापानी इंसेफेलाइटिस बीमारी के दो मरीज सामने आ चुके हैं। इसके अचानक बढ़े मामले के पीछे कटनी जिले में ताबड़तोड़ बारिश है, जिससे जलभराव होने से मच्छरों के अंडे बनते हैं और कुछ खतरनाक मच्छरों के काटने से लोगों में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और उन्हें जानलेवा गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं।
डेंगू की बीमारी से ग्रसित विकास कुशवाहा ने बताया कि कमजोरी लगने पर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ पहले खून जांच में प्लेट्स कम आई इलाज के बाद कल पुनः ब्लैड सैंपल लेकर भेजा गया तो उसमें डेंगू की बीमारी सामने आई। लेकिन न तो यहां कोई दवाई देते हैं। न ही डॉक्टर इलाज करने के लिए आते हैं। वहीं, क्षेत्र में गंदगी होने के चलते बीमारी फैल रही है। आपको बता दें, कटनी नगर निगम द्वारा शहरीय क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव नहीं कराया जा रहा, जिससे जगह-जगह मच्छरों का जमावड़ा हो रहा है और तेजी से बीमारियों फैल रही है।
आठ तहसील में बीमारियों के आंकड़े
तहसील डेंगू चिकनगुनिया इंसेफेलाइटिस
कटनी शहरीय 50 01 00
बहोरीबंद 06 03 00
बरही 00 00 00
बड़वारा 02 00 00
उमरियापान 01 01 00
विजयराघवगढ़ 03 01 01
रीठी 01 00 01
कन्हवारा 01 00 00
कुल 64 06 02
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर यशवंत वर्मा के मुताबिक, यह तीनों ही बीमारियां मच्छरों के काटने से होती है, जिनके लक्षण बताते हुए डॉक्टर ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, सिर में आगे की ओर तेज दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, पेट में तेज दर्द, मसूड़ा, त्वचा व नाक से खून रिसना, आंखों के पीछे दर्द या आंख हिलाने में दर्द होने की समस्या होती है तो तुरंत इसकी जांच करवाना चाहिए। वहीं, इन गंभीर बीमारी से बचने के लिए हमें घर के आस-पास सफाई रखना चाहिए, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए, बच्चों और वयस्कों को मच्छरों से बचाने के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनना चाहिए। ये सभी घरेलू उपाय से भी खुद को बचाने की जानकारी दी है।