सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध खारिज किए जाने के बावजूद करणी सेना संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का कड़ा विरोध कर रही है। सोमवार को मध्य प्रदेश में करणी सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। मालवा इलाके में हाईवे पर टायर जलाकर जाम लगाया गया। उधर राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है, जिस पर मंगलवार को विचार होगा। सरकार का तर्क है कि पद्मावत के रिलीज से कानून व्यवस्था का मसला पैदा हो सकता है।
गौरतलब है कि राज्य में पद्मावत के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है जिसके चलते करणी सेना का विरोध जारी है। उसने एलान किया है कि रिलीज की तारीख (25 जनवरी) को जनता कर्फ्यू रहेगा। आज उसने अपने तेवर भी दिखाए। राज्य के इंदौर, रतलाम और उज्जैन में विरोध प्रदर्शन किए गए। इंदौर में देवास नाके को जाम कर दिया गया। गुजरात जाने वाली बसें रद्द कर दी गईं। उज्जैन में खासा हंगामा हुआ। हाईवे पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया गया। रतलाम के जावरा में फोर लेन को जाम कर दिया गया।
वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि करणी सेना को भाजपा का समर्थन प्राप्त है। भाजपा की शह पर वह विरोध और हिंसा कर रही है। पार्टी प्रवक्ता केके मिश्रा के अनुसार यह बात गले नहीं उतर रही कि केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट फिल्म रिलीज के पक्ष में है लेकिन राज्य में विरोध हो रहा है। सरकार का काम कानून व्यवस्था बनाना है, जिसमें वह नाकाम रही है।