लगभग डेढ़ दशकों बाद मध्य प्रदेश में सत्ता में आने के लक्ष्य से कांग्रेस ने साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए तैयार पार्टियों के साथ हाथ मिलाने को तैयार है।
चुनाव की तैयारियां शुरू करते हुए
कांग्रेस मार्च के आखिर तक कठिन लड़ाई वाली सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नाम तय करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि दिसंबर तक होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को पेश करने के बारे में वह अभी कोई घोषणा करने से बच रही है।
मध्य प्रदेश के प्रभारी कांग्रेस महासचिव दीपक बाबरिया ने कहा कि, 'सामान्य तौर पर सीटों को लेकर कोई भी निर्णय अंतिम समय में होता है। मैं राज्य के वरिष्ठ नेताओं से इस बारे में चर्चा करूंगा। हालांकि मैं कठिन सीटों के उम्मीदवारों के चयन के बारे में सोच रहा हूं। यह वह सीटें हैं जिन्हें पार्टी ने तीन से चार चुनावों से नहीं जीता है।'
बाबरिया ने कहा कि, 'मैं ऐसी सीटों के प्रत्याशियों को मार्च के अंत में ही संकेत दे दूंगा ताकि चुनाव की तैयारी करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय मिल सके। बता दें कि 203 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस साल 2003 से ही सत्ता से बाहर है।