प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने शनिवार को उस युवती के परिजनों से मुलाकात की, जिसकी संदिग्ध मौत के बाद महू में बवाल हुआ था। कांग्रेस ने युवती और पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक भेरूलाल के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ खरगोन जिले के महेश्वर के वासली कुंडिया गांव में पहुंचे। कमलनाथ यहां महू में हुई आदिवासी युवती की संदिग्ध मौत के बाद उसके परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने युवती की मौत पर कई सवाल खड़े किए हैं। कमलनाथ ने युवती और पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक भेरूलाल के परिवार को कांग्रेस की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अत्याचार का बादशाह भी कह दिया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को एक आयोजन में शामिल होने खरगोन पहुंचे थे। इसके बाद भी शिवराज पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गए थे। इसे लेकर भी कमलनाथ ने शिवराज पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में मध्यप्रदेश नंबर वन बन चुका है। पिछले 17 साल में से 13 साल तक अत्याचार के मामले में प्रदेश नंबर वन पर रहा है। वहीं 4 साल तक नंबर दो पर। आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार में नंबर वन प्रदेश का मुकुट भी शिवराज सिंह चौहान के माथे पर हैं। वह अत्याचार का मुकुट पहने हुए हैं।
विधानसभा में भी गरमाया था मामला
इंदौर जिले के महू में बुधवार को एक आदिवासी युवती की मौत के बाद बवाल मच गया था। बाद में पता चला कि युवती पढ़ाई का बहाना बनाकर शादी करने आ गई थी। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब परिजनों को सच पता चला तो उन्होंने उस युवक को दोषी ठहराया, जिसके साथ वह रह रही थी। उन्होंने कार्यवाही की मांग करते हुए थाने का घेराव किया। उन पर पथराव और तोड़फोन करने का आरोप है। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए। हवाई फायरिंग की। इसके बाद भी हालात काबू में नहीं आए तो गोली चला दी। इसमें एक युवक की मौत हो गई। इस मामले में लगातार दो-तीन दिन पर विधानसभा में हंगामा हुआ। सरकार भी कोई साफ जवाब नहीं दे सकी थी।
विज्ञापन
घटना से पहले परिजनों के खिलाफ लिखी गई एफआईआर
कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पार्टी के आदिवासी नेताओं का एक जांच दल बनाकर युवती के गांव भेजा था। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद कमलनाथ भी शनिवार को युवती के घर पहुंच गए। कमलनाथ ने युवती के परिजनों से बात कर प्रदेश सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कमलनाथ के साथ पहुंची पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक विजयलक्ष्मी साधौ ने एफआईआर की कॉपी और उसका समय दिखाते हुए कमलनाथ को बताया कि घटना से पहले ही युवती के परिजनों के खिलाफ एफआईआर लिखी जा चुकी थी। कमलनाथ ने कहा कि इसमें पुलिस की मिलीभगत है। यहां पुलिस दबाव में काम कर रही है।
हम सच्चाई के साथ हैं
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मै यहां कोई चुनाव प्रचार करने नहीं आया बल्कि में पीड़ित परिवार के घर दुख व्यक्त करने आया हूं। हम सच्चाई के साथ हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ स्थानीय विधायक विजयलक्ष्मी साधौ सहित आदिवासी नेता बाला बच्चन, खरगोन विधायक रवि जोशी और जिलाध्यक्ष रवि नाइक सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।