राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की वन रैंक वन पेंशन योजना का लाभ सेना को कम और अधिकारियों को ज्यादा मिल रहा है। इस पर असम के सीएम हिमंत बिश्वा शरमा ने कहा कि राहुल गांधी इस तरह के बयान से आर्मी के अंदर विद्रोह पैदा करना चाहते हैं। राहुल लद्दाख में जो रिकॉड किए, उसे रिलीज नहीं किया है। इसलिए राहुल पर भारत सरकार का नजर रखना ठीक है।
वहीं, सीएम हिमंत बिश्वा ने कहा कि अग्निवीर में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया, सेना का क्या हित है और क्या अहित है। वो सोचने के लिए वर्तमान और एक्स आर्मी के लोग हैं। इसमें राहुल गांधी से एडवाइज लेने की किसी को जरूरत नहीं।
कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने 20 साल में काम किया होता तो आज जन आशीर्वाद लेने की आवश्कता नहीं पड़ती। इस पर सीएम हिमंत बिश्वा शरमा ने कहा कि हिंदू संस्कृति के बारे में जानते ही नहीं आशीर्वाद और सनातन एक ही है। क्योंकि हर सुख-दुख में आशीर्वाद लेना सही है। वहीं, कांग्रेस भी हिंदुत्व की राह चल रही है। इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी आज हिंदू हृदय सम्राट बन सकते हैं, बस वो अनाउंस कर दें कि डीएमके के साथ हमारा कोई संबंध नहीं, उदयनिधि स्टालिन के साथ चुनाव नहीं लड़ेंगे।
प्रियंक खरगे को हम मंत्री बने नहीं रहने देंगे। इतना ही बोल दे राहुल गांधी, तो मैं भी उनको प्रणाम करूंगा। अगर आज मुस्लिम के खिलाफ स्टालिन ऐसा बोले होते तो राहुल गांधी सुबह ही बोल देते थे हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है। क्या हिंदू सिर तन से जुदा नहीं कर सकता तो ऐसे ही हिंदू को गाली देते रहेंगे। राहुल जी आप कभी हिंदू के पास वोट मांगने मत जाइएगा, जब तक डीएमके के साथ गठबंधन है।
एनसीपी लीडर जितेंद्र अवाना बीजेपी के सनातन सनातन कहने पर बयान दिया कि गांधी को मारने वाले को हिंदू सनातनी थे। इस पर पलटवार करते हुए सीएम बिश्व शरमा ने कहा कि इस देश में मुंबई में बॉम ब्लॉस्ट किया वो भी तो मुसलमान हैं। कसाब मुसलमान है तो मैं मानता हूं गांधी जी को मारने वाले हिंदू थे। लेकिन टेरर फैलाने वाले मुसलमान भी थे, अच्छे और बुरे सभी जगह है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा था कि कमलनाथ की चमचा गिरी करते असम के सीएम हिमंत को देखा है। इस पर पलटवार करते हुए शरमा ने कहा कि चमचागिरी क्या होता है, लेकिन कमलनाथ जी मैं चमचागिरी करूं तो मैं तैयार हूं, बस वो बीजेपी में आ जाएं।