शिक्षक पात्रता परीक्षा के तहत मुख्य परीक्षा में महिलाओं को आयु सीमा में तीन साल की छूट नहीं दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कहा गया था कि मुख्य परीक्षा में अधिकतम सीमा 45 साल होने के कारण उनका ऑनलाइन फॉर्म सबमिट नहीं हो रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने महिलाओं को अस्थायी फॉर्म भरने की अनुमति प्रदान करने हुए परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहने के आदेश जारी किए हैं।
प्रिया चतुर्वेदी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया कि कोरोना काल के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा में महिला उम्मीदवारों को तीन साल की अतिरिक्त छूट प्रदान की गई थी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए थे। शिक्षक पात्रता परीक्षा दो चरणों में होनी है। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होनी थी, जिसमें महिलाओं को तीन साल की छूट प्रदान की गई। प्रारंभिक परीक्षा में चयनित परीक्षार्थी ही मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते थे।
उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। मुख्य परीक्षा के फॉर्म में अधिकतम उम्र 45 साल निर्धारित किए जाने के कारण वे ऑनलाइन फॉर्म भरने से वंचित हो रही हैं। आयु अधिक होने के कारण उनका फॉर्म जमा नहीं हो रहा है। याचिका में मांग की गई थी कि आदेशानुसार मुख्य परीक्षा में भी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता समदर्शी तिवारी ने पैरवी की।