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वेदिका हत्याकांड: BJP नेता प्रियांश की जमानत अर्जी निरस्त, लापरवाह पुलिस अफसरों और अस्पताल पर भी होगी कार्रवाई

Fri, 15 Dec 2023 10:09 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर

सार

बहुचर्चित वेदिका ठाकुर हत्याकांड में आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है। साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में कुछ पुलिसकर्मियों और सूचना नहीं देने वाले अस्पताल पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। 
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वेदिका ठाकुर हत्याकांड के आरोपी भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा की जमानत अर्जी निरस्त - फोटो : file photo
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने जबलपुर के बहुचर्चित वेदिका ठाकुर हत्याकांड के आरोपी भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने आईजी-डीआईजी व पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि एफआईआर नहीं लिखने वाले दोषी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करें। हाईकोर्ट ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि समय पर एफआईआर दर्ज हो जाती तो एक मासूम की जान को बचाया जा सकता था। कोर्ट ने उन अस्पतालों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जिन्होंने पुलिस केस की सूचना संबंधित थाने में नहीं दी।
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बता दें कि हत्याकांड के आरोपी प्रियांश ने हाईकोर्ट में जमानत आवेदन पेश की थी। इसमें कहा कि वह 19 जून, 2023 से जेल में बंद है। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने दलील दी कि मृतका वेदिका ने अपने बयान में खुद यह कहा है कि बंदूक खराब थी। प्रियांश ने उसे लोड की और मिसफायर होकर उसे लगी। तर्क दिया गया कि प्रियांश का वेदिका की हत्या करने का इरादा नहीं था। उसने ही वेदिका का इलाज कराया और उसके रिश्तेदारों को सूचना दी।

आपत्तिकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि मृतका वेदिका ने अपने बयान में कहा कि प्रियांश ने ही बंदूक में कारतूस डाले और फायर किया। घटनास्थल पर बुलेट के चार मार्क्स पाए गए जो इंगित करते हैं कि आरोपित ने मारने के इरादे से कई फायर किए होंगे। अभिषेक झारिया ने भी अपनी गवाही में कहा कि घटना से पहले प्रियांश और वेदिका के बीच लड़ाई हुई थी। यह दलील भी दी गई कि गोली लगने के बाद आरोपित पीड़िता को घुमाता रहा और शाम को एक बीएमएचएस डॉक्टर के यहां इलाज के लिए ले गया, जबकि घटनास्थल से दो सौ मीटर की दूरी पर मेडिकल कॉलेज मौजूद था। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अक्षय नामदेव ने पक्ष रखा। 
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