मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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सिविल जज परीक्षा के लिए न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम, 1994 के संशोधित नियम 7 (जी) को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में हाईकोर्ट प्रशासन की तरफ से शुद्धि पत्र आदेश जारी किया गया है। अब सिविल जज परीक्षा में आवेदन करने के लिए यह नियम बाधक नहीं होगा। बता दें कि परीक्षा के आवेदन की अंतिम तारीख 18 दिसंबर है और पूर्व नियम के तहत योग्यता रखने वाले आवेदन दायर कर सकते हैं।
गौरतलब है कि सिविल जज परीक्षा के लिए आवेदन के नियम 7 (जी) के अनुसार अभ्यर्थियों को एलएलबी परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक आवश्यक थे। एटीकेटी से परीक्षा प्राप्त करने वाले आवेदन नहीं कर सकते थे। इसके अलावा तीन सालों तक प्रति वर्ष कोर्ट में 6 पेशी में उपस्थिति का सबूत भी प्रस्तुत करना था। वकालत के तीन साल का अनुभव सहित अन्य शर्तें थीं जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस जेके माहेश्वरी तथा जस्टिस केबी विश्वनाथन की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की तरफ से बताया गया कि परीक्षा का आयोजन न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम, 1994 के अनुसार किया जाएगा। संशोधित नियम 7 (जी) की बाध्यता को स्थगित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त मामले की सुनवाई हाईकोर्ट को करने के निर्देश किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हाईकोर्ट फरवरी के अंत तक मामले की सुनवाई पूरी करने का प्रयास करे। इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा जारी शुद्धि पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि सिविल जज परीक्षा में आवेदन करने के लिए संशोधित नियम 7 (जी) की बाध्यता को स्थगित कर दिया गया है। परीक्षा के आवेदन की अंतिम तारीख 18 दिसंबर है और पूर्व नियम के तहत योग्यता रखने वाले आवेदन दायर कर सकते हैं।